अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जंग (सोर्स-सोशल मीडिया)
USA Israel Iran Military Crisis: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष ने अब एक नया और डरावना रूप ले लिया है जहां मानवता खतरे में है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग ने पूरी दुनिया को विनाशकारी तीसरे विश्वयुद्ध की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। रूस ने इस तनाव पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि यह जिद पूरी दुनिया को नर्क में ले जा सकती है। युद्ध के चौथे दिन भी बमबारी और मिसाइल हमलों का सिलसिला थमा नहीं है जिससे आम लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
मंगलवार को अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान के परमाणु ठिकानों और राष्ट्रपति कार्यालय समेत कई महत्वपूर्ण जगहों पर भीषण बमबारी की। इस हमले के जवाब में ईरान ने सऊदी अरब, दुबई और कुवैत में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन्स की बारिश की। युद्ध की इस आग में अब तक 742 ईरानी नागरिकों और 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
ईरान पर इजरायल और अमेरिकी हमलों ने रूस को भड़का दिया है जिसके बाद पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने गंभीर चेतावनी दी है। उनका दावा है कि ट्रंप और नेतन्याहू की सनक ने मानवता को विनाश और तीसरे विश्वयुद्ध के कगार पर खड़ा कर दिया है। रूस का यह कड़ा बयान दुनिया भर के शेयर बाजारों और कूटनीतिक हलकों में भारी हड़कंप मचाने के लिए काफी है।
इस भीषण युद्ध का सबसे बुरा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है जिससे सप्लाई पूरी तरह ठप होने का खतरा है। भारत सरकार ने स्थिति को देखते हुए स्पष्ट किया है कि देश के पास फिलहाल अगले 25 दिनों का तेल रिजर्व मौजूद है। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि अगले 25 दिनों तक पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे ताकि जनता को राहत मिले।
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ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि वे दुनिया भर में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और होटलों को अपना निशाना बनाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि यह संघर्ष अभी 4 से 5 हफ्ते तक और खिंच सकता है। इधर इजरायली सेना लेबनान में भी घुस चुकी है जिसके कारण वहां के 30 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए हैं।