कनाडा अपनी हरकतों से नहीं आ रहा बाज, उठाया भारत विरोधी कदम
ओटावा: कनाडा सरकार ने मल्टीपल एंट्री वीजा पर अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। उसने दस वर्ष वाला पर्यटक वीजा जारी करना बंद करने का फैसला ले लिया है। इससे कनाडा आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नए दिशा निर्देशों में इमिग्रेशन अधिकारी अपने स्तर पर यह निर्णय ले सकेंगे कि सिंगल एंट्री या फिर मल्टीपल एंट्री वीजा जारी किया जाए या नहीं। साथ ही अधिकारी इसकी समय सीमा भी तय करेंगे कि यह वीजा कितने समय के लिए जारी किया जाना चाहिए। पहले इसकी अधिकतम वैधता 10 साल तक ट्रैवेल डाक्यूमेंट्स या बायोमैट्रिक की समाप्ति तक थी।
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ट्रूडो सरकार ने क्यों लिया ये फैसला
सूत्रों के मुताबिक, नीति में इस बदलाव की वजह राजनीतिक संकट से जूझ रहे प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को आवास की कमी बताई जा रही है। जीवनयापन की उच्च लागत और घटती अनुमोदन रेटिंग पर जनता के गुस्से को कम करने के लिए किया गया है। ट्रूडो घोषणा कर भी चुके हैं कि वह अस्थायी और स्थायी आप्रवासन दोनों को कम कर रहे हैं।
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इमिग्रेशन मंत्री ने किया स्पष्ट
पिछले महीने, इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलर ने कहा था कि कनाडा सरकार को देश में अस्थायी अप्रवासन के प्रवाह को रोकने के लिए पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी। जो अब आवास संकट का कारण बन रहा है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि मल्टीपल वीजाधारक को वीजा की वैधता की अवधि में आवश्यकतानुसार ही किसी भी देश से कनाडा में प्रवेश करने की अनुमति होगी।