ठाकुरगंज-3 से बीएनपी सांसद जहीदुर रहमान और पंचगढ़-2 से बीएनपी सांसद फरहाद हुसैन आजाद (सोर्स-सोशल मीडिया)
Bangladesh Nationalist Party Hindu Outreach: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी हिंदू आउटरीच के अंतर्गत हालिया संसदीय चुनावों में BNP की ऐतिहासिक सफलता के बाद पार्टी नेताओं ने अल्पसंख्यकों के प्रति अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। नवनिर्वाचित सांसदों ने अपनी बड़ी सफलता का श्रेय हिंदू समुदाय के अटूट समर्थन और प्यार को देते हुए उन्हें सुरक्षा का वादा किया है। पार्टी के नेतृत्व ने भरोसा दिलाया है कि नए बांग्लादेश के निर्माण में सभी धर्मों के लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वतंत्र रहेंगे। यह सकारात्मक बयान भारत और बांग्लादेश के बीच मधुर संबंधों की एक नई और मजबूत शुरुआत का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
ठाकुरगांव-3 क्षेत्र से नवनिर्वाचित BNP सांसद जहीदुर रहमान ने अपनी जीत को सनातनी भाई-बहनों के प्यार और उनके बहुमूल्य वोटों का सुखद परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना है जिसने उन्हें इस कठिन चुनाव में एक निर्णायक बढ़त दिलाई। सांसद ने भावुक होकर वादा किया कि वे संसद में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए हमेशा मजबूती से अपनी आवाज उठाएंगे।
पंचगढ़-2 से नवनिर्वाचित सांसद फरहाद हुसैन आजाद ने भी स्थानीय हिंदू समुदाय से मुलाकात कर उन्हें पूरी तरह से निडर और सुरक्षित रहने का बड़ा भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि अब हिंदू समुदाय अपने पारंपरिक त्योहार, पूजा-पाठ और सभी व्यावसायिक कार्य बिना किसी डर के बहुत शांतिपूर्वक और गर्व के साथ संपन्न कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी मतदाताओं के साथ समान व्यवहार करेंगे लेकिन सनातनी समुदाय की सुरक्षा का विशेष ध्यान उनकी सरकार द्वारा रखा जाएगा।
बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में BNP ने 299 सीटों में से कुल 212 सीटों पर एक शानदार और ऐतिहासिक जीत दर्ज करके स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। इस बड़ी सफलता के बाद अब पार्टी प्रमुख तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने और शपथ लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अवामी लीग की अनुपस्थिति में हिंदू समुदाय ने जिस तरह खुलकर BNP का समर्थन किया है उसने पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
सांसद फरहाद हुसैन आजाद ने बोडा उपजिला स्थित पवित्र बोधेश्वरी मंदिर शक्तिपीठ का भावुकता से जिक्र करते हुए अपनी पुरानी यादें जनता के साथ साझा कीं। उन्होंने कहा कि कई सर्वेक्षण विश्लेषक वहां जमात की जीत की संभावना बता रहे थे लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि हिंदू मतदाता ही BNP को बचाएंगे। साल 2022 में मंदिर के दर्शन करने वाले आजाद ने खुले दिल से स्वीकार किया कि सनातनी समर्थन के बिना उनकी यह जीत संभव नहीं थी।
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बांग्लादेश में आगामी 17 फरवरी को तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे जिसे देश में एक लोकतांत्रिक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत सरकार को भी विशेष न्योता भेजा गया है जिससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की नई उम्मीद जगी है। BNP नेताओं के ये हालिया सकारात्मक और उदार बयान दर्शाते हैं कि पार्टी अब एक समावेशी और सुरक्षित राजनीति की दिशा में कदम बढ़ा रही है।