यूपी में एसआईआर पर बवाल...मुस्लिम घरों में मिले हिंदू मतदाता, दर्जनों अतिरिक्त वोटर जोड़े गए

SIR Voter List Controversy: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मुस्लिम परिवारों के पते पर हिंदू मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए हैं। इस मामले के बाद बवाल खड़ा हो गया है।
Uproar over SIR in UP... Hindu voters found in Muslim homes, dozens of additional voters added
यूपी में एसआईआर प्रक्रिया।
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Uttar Pradesh Voter List Controversy: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने वाला मामला आया है। यहां के शिकारपुर तहसील के पहासू कस्बा अंतर्गत पठान टोला मोहल्ले में एसआईआर के तहत जारी नई मतदाता सूची में मुस्लिम परिवारों के पते पर हिंदू मतदाताओं के नाम दर्ज मिले हैं। यह मामला उजागर होने के बाद इलाके में नाराजगी देखी जा रही है।

लोगों का आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक मुस्लिम परिवारों के घरों में 56 अतिरिक्त वोट जोड़े गए हैं। इसे लेकर पठान टोला मोहल्ला निवासी सगीर खान ने प्रशासन से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया है कि एसआईआर का काम पिछले महीने से चल रहा था। एसआईआर से पहले मतदाता सूची पूरी तरह सही थी, लेकिन नई सूची जारी होते ही एक ही गली के 7 से 8 घरों में दर्जनों वोट बढ़ा दिए गए। उनका कहना है कि उनके मकान संख्या-125 में भी 6 से 7 अतिरिक्त वोट दर्ज हो चुके हैं।

पूरे मामले की जांच और सुधार की मांग

इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन से जांच और सुधार की मांग की गई है। प्रशासन ने मामले को ड्राफ्ट मतदाता सूची से जुड़ी त्रुटि बताया है। शिकारपुर एसडीएम के अनुसार भाग संख्या-307 में सामने आई कमियों को फॉर्म नंबर-8 के माध्यम से ठीक कराया जा रहा है। चुनाव आयोग द्वारा पूरे भारत में एसआईआर की प्रक्रिया कराने की बात कही गई है। बिहार में एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उत्तर प्रदेश, बंगाल और दिल्ली में इस प्रक्रिया को शुरू किया गया है। इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग के आदेश पर बीएलओ के अधिकारी वोटर लिस्ट की वैधता की पूर्ण निरीक्षण करते हैं।

रामपुर में एक ही मतदाता 3-3 जगह नाम

रामपुर में भी एसआईआर में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है। यहां करीब 2.25 लाख डुप्लीकेट मतदाता सामने आए हैं। एक शख्स का नाम तीन-तीन जगहों पर वोटर लिस्ट में है। ऐसे सैकड़ों लोग मिले हैं। प्रशासन ने पूरी लिस्ट की पुन: जांच करके डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या जीरो करने के लिए कहा है। इसके अलावा कई जिलों में इस तरह की शिकायतें पहले भी आ चुकी हैं। वहीं, दावा और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 6 फरवरी तक का समय है।

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