तालिबान ने उतारे सैकड़ों नए कमांडो, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Afghan New Commandos: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में लगातार बढ़ती खटास अब खुले सैन्य संदेशों में बदल रही है। इसी माहौल के बीच तालीबान ने गुरुवार को एक बड़ा सैन्य शक्ति प्रदर्शन किया और घोषणा की कि सैकड़ों नए कमांडो फाइटर अपनी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं और अब देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
तालीबान के उपप्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर ने कमांडो ग्रेजुएशन समारोह में पड़ोसी देशों को सीधे तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी देश ने आक्रामकता दिखाई तो तालीबान उसके जवाब के लिए तैयार है। बरादर ने यह भी कहा कि सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा तालीबान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे लेकर किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
समारोह में तालीबान कमांडो ने हेलिकॉप्टर ऑपरेशन, हवाई मूवमेंट और ग्राउंड कॉम्बैट ड्रिल का प्रदर्शन किया। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, नए कमांडो को आदर्शवादी, वैचारिक और उन्नत सैन्य प्रशिक्षण दिया गया है। मंत्रालय का दावा है कि ये कमांडो किसी भी चुनौती और किसी भी “कुरबानी” के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हालात तब और गंभीर हो गए जब तालीबान ने पाकिस्तान पर ख़ोस्त, पक्तिका और कुनार प्रांतों में हवाई हमले करने का आरोप लगाया। तालीबान के मुताबिक, इन कथित हमलों में 9 बच्चों और एक महिला की मौत हुई है। तालीबान प्रवक्ता ने कहा कि इन हमलों का जवाब “उचित समय” पर दिया जाएगा। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वह अपने सभी सैन्य अभियानों की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करता है, इसलिए यह दावा तथ्यहीन है।
दोनों देशों के हालात पहले ही तनाव से भरे हुए थे, लेकिन हालिया घटनाओं ने इस टकराव को और जटिल बना दिया है। अक्टूबर में सीमा विवाद के बाद दोहा और इस्तांबुल में हुई तीन दौर की वार्ता किसी समाधान पर नहीं पहुंची। इन असफल बैठकों के बाद अब तालीबान द्वारा नए कमांडो तैयार करने और सार्वजनिक सैन्य प्रदर्शन को क्षेत्र में एक नए संभावित संघर्ष का संकेत माना जा रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और तालीबान के बीच बढ़ती अविश्वसनीयता और सुरक्षा मुद्दों पर मतभेद आने वाले दिनों में क्षेत्रीय स्थिरता को और चुनौती दे सकते हैं। दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए जा रहे आरोप और आक्रामक बयानबाज़ी स्थिति को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं।