27 साल पहले छोड़ा भारत, फिर 2022 में वापसी… ऑस्ट्रेलिया आतंकी हमले पर हैदराबाद कनेक्शन आया सामने
Sajid Akram Hyderabad Origin: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी साजिद अकरम भारत के हैदराबाद का रहने वाला था।
- Written By: अमन उपाध्याय
स्ट्रेलिया आतंकी हमले पर हैदराबाद कनेक्शन आया सामने, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Sydney Bondi Beach Attack: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 14 दिसंबर को बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर जांच एजेंसियों ने अहम जानकारी साझा की है। यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कुल 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले में शामिल एक आतंकी भी मारा गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले का मुख्य आरोपी साजिद अकरम भारत के हैदराबाद का रहने वाला था। उसने वर्ष 1998 में भारत छोड़ दिया था और तब से ऑस्ट्रेलिया में रह रहा था। साजिद आखिरी बार साल 2022 में भारत आया था। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में हमलावर को पाकिस्तानी नागरिक बताया जा रहा था लेकिन अब उसकी भारतीय पृष्ठभूमि की पुष्टि हो गई है।
27 सालों छह बार आया भारत
पुलिस के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 27 सालों में साजिद का हैदराबाद में अपने रिश्तेदारों से संपर्क बेहद कम रहा। वह इस दौरान केवल छह बार ही संपत्ति या पारिवारिक कामों के सिलसिले में भारत आया था। यहां तक कि अपने पिता के निधन पर भी उसने भारत आने की जरूरत नहीं समझी। हैदराबाद में रह रहे उसके परिजनों का कहना है कि उन्हें उसकी किसी भी तरह की कट्टरपंथी सोच या गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।
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तेलंगाना पुलिस ने यह भी साफ किया है कि 1998 में देश छोड़ने से पहले साजिद अकरम के खिलाफ कोई नकारात्मक या आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। पुलिस का आकलन है कि साजिद और उसके बेटे का कट्टरपंथ की ओर झुकाव भारत या तेलंगाना के किसी स्थानीय प्रभाव का नतीजा नहीं है।
एक महीने तक हमले की योजना बनाई
इससे पहले CNN ने फिलीपींस के अधिकारियों के हवाले से बताया था कि साजिद अकरम अपने बेटे नवीद के साथ 1 नवंबर को फिलीपींस गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, साजिद ने भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल किया जबकि उसके बेटे नवीद ने ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट पर यात्रा की। दोनों ने करीब एक महीने तक हमले की योजना बनाई थी।
जानकारी के अनुसार, आतंकी पिता-पुत्र फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में स्थित दावो शहर गए थे। दावो शहर मिंडानाओ द्वीप पर स्थित है, जहां फिलीपींस की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है। यह इलाका लंबे समय से इस्लामी उग्रवादी और विद्रोही संगठनों का गढ़ माना जाता रहा है। यहां सक्रिय कई संगठन अलग इस्लामिक देश की मांग करते रहे हैं।
गाड़ी से ISIS के दो झंडे भी बरामद
जांच एजेंसियों को आतंकियों की गाड़ी से इस्लामिक स्टेट (ISIS) के दो झंडे भी बरामद हुए हैं। इससे हमलावरों के ISIS से जुड़े होने की आशंका और गहराती जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां इस आतंकी नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक की गहराई से जांच कर रही हैं।
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इस आतंकी हमले में भारत के भी तीन छात्र घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से कम से कम दो छात्र फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।
इस्लाम की कट्टर व्याख्या एक गंभीर वैश्विक चुनौती
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने रविवार को सिडनी में यहूदी समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हमलावरों की सोच इस्लामिक स्टेट जैसी आतंकी विचारधारा से प्रभावित थी। प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि इस्लाम की कट्टर और हिंसक व्याख्या एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुकी है, जिससे सख्ती से निपटना जरूरी है।
