

Suez Canal Threat Houthi Rebels: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है जहां से वैश्विक व्यापार ठप होने की कगार पर है। ईरान ने अपनी युद्ध रणनीति को विस्तार देते हुए अब स्वेज नहर (Suez Canal) को निशाना बनाने की योजना बनाई है। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बाद ईरान ने अपने सबसे शक्तिशाली प्रॉक्सी हूती विद्रोहियों को 12 दिनों के अंतराल के बाद फिर से सक्रिय कर दिया है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे जल्द ही लाल सागर और स्वेज नहर के मार्ग पर रॉकेट से हमला कर सकते हैं। इस हमले का मुख्य उद्देश्य यमन और जिबूती के बीच स्थित बाब अल-मंडेब के माध्यम से होने वाले जहाजरानी कार्यों को पूरी तरह बाधित करना है। चूंकि स्वेज नहर लाल सागर के रास्ते से ही गुजरती है, जहां हूतियों का दबदबा है इसलिए यह खतरा वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए नींद उड़ाने वाला है।
स्वेज नहर को यूरोप और मिडिल ईस्ट की 'लाइफलाइन' माना जाता है। दुनिया का लगभग 12 प्रतिशत व्यापार इसी संकरे रास्ते से होता है। यह मार्ग यूरोप से एशिया तक की दूरी को लगभग 7,000 किलोमीटर कम कर देता है। यदि यह रास्ता बंद होता है तो कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक सामानों और सबसे महत्वपूर्ण तेल की आपूर्ति में भारी देरी और लागत में वृद्धि होगी। फिलहाल इस नहर पर मिस्र की अल-सीसी सरकार का नियंत्रण है, जो अमेरिका समर्थित है।
ईरान की कोशिश है कि इस युद्ध को लंबा खींचा जाए ताकि दुनिया की अर्थव्यवस्था संकट में पड़ जाए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर जंग लंबी खिंचती है, तो वे मिडिल ईस्ट से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देंगे। होर्मुज स्ट्रेट के पहले से ही आंशिक रूप से बाधित होने के कारण मिडिल ईस्ट से तेल का निर्यात 20 प्रतिशत कम हो चुका है। ऐसे में स्वेज नहर को ब्लॉक करना ईरान के लिए एक बड़ा रणनीतिक हथियार साबित हो सकता है क्योंकि मिडिल ईस्ट के अन्य देश इसी रास्ते से यूरोप को तेल भेजने की तैयारी कर रहे थे।
स्वेज नहर के चोक पॉइंट होने का सीधा और गहरा असर भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे एशियाई देशों के साथ-साथ फ्रांस और इटली जैसे यूरोपीय देशों पर पड़ेगा। भारत के लिए यह मार्ग निर्यात और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से महंगाई में बेतहाशा बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।