OpenAI और Scale AI में मास्टर बनना ही मौत की असली वजह तो नहीं, इसलिए ChatGPT को खटकने लगे थे सुचिर बालाजी
OpenAI में अपने समय के दौरान बालाजी ने ChatGPT को ट्रेनिंग देने के लिए उपयोग की जाने वाले इंटरनेट डेटा को इकट्ठा करने और व्यवस्थित करने में बड़ी भूमिका निभा रहे थे।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
सुचिर बालाजी (डिजाइन फोटो)
सैन फ्रांसिस्को : दुनिया की अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI के 26 साल की पूर्व रिसर्चर की मौत एक चर्चा का विषय बन गयी है। मौत को गले लगाने के कई दिन बाद उनकी लाश फ्लैट में तब मिली जब उनका दोस्त उनको खोजते हुए उनके फ्लैट तक जा पहूंचा। सुचिर बालाजी नाम के इस पूर्व रिसर्चर ने अभी कुछ दिन पहले OpenAI की कार्यशैली को लेकर एक बड़ा खुलासा किया था और उसके बाद उसने कंपनी भी छोड़ दी थी।
पूर्व रिसर्चर सुचिर बालाजी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक नयी चर्चा चल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI और उसकी मौत का कनेक्शन भी जोड़ने की कोशिश हो रही है।
OpenAI की कार्यशैली पर सवालिया निशान
आपने देखा होगा कि ChatGPT के लॉन्च होने के बाद से ही OpenAI पर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं, जिसका समय-समय पर कंपनी द्वारा जवाब भी दिया जा रहा था। इस कंपनी ने AI मॉडल को साल 2022 में लॉन्च करके दुनिया में तहलका मचाने की कोशिश की थी। इसी के बाद इस कंपनी पर कॉपीराइट को लेकर कई मुकदमे भी हो गए। कंपनी पर बड़ा आरोप ये था कि कंपनी ने अपने AI को ट्रेनिंग देने के लिए दूसरों के कॉपीराइट कंटेंट का इस्तेमाल किया था।
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अपनी लेटेस्ट सोशल मीडिया पोस्ट पर सुचिर ने लिखते हुए खुलासा किया था, ‘शुरुआत में मुझे कॉपीराइट, फेयर यूज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन GenAI कंपनियों के खिलाफ हो रहे मुकदमों के बाद मुझे इसमें दिलचस्पी हुई…जब मैंने इस मामले को समझा, तो पाया कि कई जनरेटिव AI कंपनियों के लिए फेयर यूज अंसभव जैसी स्थिति है।’
कौन था सुचिर बालाजी
सुचिर बालाजी ने बर्कले की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से कम्प्यूटर साइंस में अपनी पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने OpenAI और Scale AI में इंटर्नशिप करके अपनी मनपसंद फील्ड चुनी थी। OpenAI के अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने WebGPT पर काम करके इसमें महारत हासिल करने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद वो GPT-4 की प्रीट्रेनिंट टीम का हिस्सा बनकर टीम से जुड़ गया।
बुरा रिजल्ट देगी AI
बताया जा रहा है कि लगभग 4 साल तक OpenAI के साथ काम करने बाद उन्होंने कई निजी व अन्य कारणों से कंपनी से अलग होने का फैसला किया है। कुछ महीने पहले न्यू यॉर्क टाइम्स को दिए अपने एक इंटरव्यू में सुचिर ने कहा था कि उन्हें एहसास हुआ कि ये टेक्नोलॉजी समाज में अच्छे से ज्यादा बुरा प्रभाव डालेगी। उनकी मुख्य चिंता थी कि किस तरह से OpenAI कथित रूप से कॉपीराइट डेटा इस्तेमाल कर रही है।
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छोटी उम्र में हो गया था AI से प्रेम
सुचिर बालाजी का बचपन कैलिफोर्निया के कूपर्टिनो इलाके में बीता था। इसके बाद में उन्होंने यूसी बर्कले में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई खत्म की। कॉलेज के दौरान ही उनका एआई में इंट्रेस्ट पैदा हुआ तो धीरे-धीरे कई और तरह की जिज्ञासा पैदा हुयी। सुचिर बालाजी ने बीमारियों को ठीक करना और उम्र बढ़ने को रोकने जैसी कई तरह की AI रिसर्च करनी शुरू की। फिर क्या था..वह इस फील्ड में और जिज्ञासु होते गए।
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OpenAI सुचिर का रोल
OpenAI में अपने समय के दौरान बालाजी ने ChatGPT को ट्रेनिंग देने के लिए उपयोग की जाने वाले इंटरनेट डेटा को इकट्ठा करने और व्यवस्थित करने में बड़ी भूमिका निभा रहे थे। उनके काम पॉपुलर एआई मॉडल को शेप देने में खासी मदद की थी।
