

Canada Gurdwara Attack Case: कनाडा के एडमॉन्टन शहर में स्थित नानकसर गुरुद्वारे में हमला की एक बेहद भयानक घटना सामने आई है। शुक्रवार की सुबह गुरुद्वारे के भीतर अचानक हुए इस हिंसक हमले में दो श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने मौके पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यह अप्रत्याशित हिंसक हमला हुआ तब लोग बेहद शांति से पूजा-अर्चना और सेवा कर रहे थे। उसी दौरान जेल से छूटे एक खूंखार अपराधी ने परिसर में घुसकर अचानक अंधाधुंध चाकूबाजी शुरू कर दी। वहां मौजूद बहादुर श्रद्धालुओं ने तुरंत अपनी जान पर खेलकर हमलावर को दबोच लिया।
स्थानीय पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए हमलावर का पुराना हिंसक आपराधिक इतिहास रहा है और वह हाल ही में जेल से रिहा हुआ था। कनाडा की पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या यह हमला किसी घृणा अपराध (Hate Crime) से प्रेरित था।
जांच एजेंसियां इस संवेदनशील बात का भी पता लगा रही हैं कि क्या इस हिंसक हमले के दौरान पवित्र सिख धार्मिक ग्रंथों का कोई अनादर या बेअदबी करने की कोशिश की गई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से काफी कड़ी कर दी गई है।
कनाडा के नवनियुक्त प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए इसकी तीखे शब्दों में कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस पूरे हमले को एक बेहद 'भयावह' घटना करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को अपने पूजा स्थलों पर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए।
पीएम मार्क कार्नी ने घायल श्रद्धालुओं के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है और सिख समुदाय को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है। सरकार इस तरह के नफरती हमलों को पूरी तरह रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का विचार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर न हों।
इस भयावह घटना के बाद कनाडा और दुनिया भर के सिख समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है और वे पूजा स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने कनाडा सरकार से धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाने की पुरजोर अपील की है।