Canada Energy: दुनिया के ऊर्जा संकट का समाधान बनेगा कनाडा, पीएम मार्क कार्नी ने दिया बड़ा बयान

Canada Energy Crisis: कनाडा पीएम मार्क कार्नी ने कहा कि दुनिया के ऊर्जा संकट का समाधान कनाडा है। प्राकृतिक संसाधनों और नई पाइपलाइन से कनाडा एक बहुत ही स्थिर और भरोसेमंद वैश्विक साझेदार बन सकता है।
Canada Energy: PM Mark Carney says Canada energy crisis solution lies in natural resources
कनाडाई पीएम मार्क कार्नी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Global Canada Energy Crisis Solution: दुनिया इस समय भारी ऊर्जा संकट, बढ़ती कीमतों और जलवायु परिवर्तन जैसी कई बड़ी चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे मुश्किल हालात में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कनाडा अपने प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के जरिए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में एक सक्रिय भूमिका निभा सकता है। मार्क कार्नी ने वैंकूवर में ग्रेटर वैंकूवर बोर्ड ऑफ ट्रेड के कार्यक्रम में व्यापारिक समुदाय को यह अहम बात बताई है।

कार्नी का मानना है कि हालिया वैश्विक झटकों ने कई देशों में ऊर्जा उपलब्धता को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसलिए भविष्य में कनाडा पूरी दुनिया के लिए एक बहुत ही स्थिर और भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार के रूप में उभर सकता है। उन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी से मुलाकात की और पाइपलाइन परियोजनाओं पर काफी लंबी चर्चा की। संघीय सरकार परियोजनाओं की मंजूरी और स्वच्छ ऊर्जा नीतियों में जरूरी बदलाव पर भी बहुत तेजी से काम कर रही है।

पर्यावरण और पाइपलाइन विवाद

ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी प्रस्तावित पाइपलाइन परियोजनाओं का भारी विरोध कर रहे हैं। उनकी यह बड़ी चिंता मुख्य रूप से पर्यावरणीय प्रभाव और स्वदेशी समुदायों की कड़ी आपत्तियों से पूरी तरह जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि उत्तरी तट से तेल परिवहन को मंजूरी देना जोखिम भरा है और यह स्वीकार्य नहीं है।

मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नई पाइपलाइन परियोजना के लिए कई अहम शर्तें लागू होंगी। इसमें कार्बन कैप्चर सिस्टम का निर्माण और पर्यावरणीय उत्सर्जन में भारी कमी करना पूरी तरह से अनिवार्य होगा। स्वदेशी समुदायों से उचित परामर्श लिया जाएगा और प्रांत को परियोजना से महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ भी जरूर मिलना चाहिए।

कार्नी के बयान पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर कंजर्वेटिव नेता पियरे पोइलिव्रे ने संघीय सरकार पर बहुत धीमी गति से काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि औद्योगिक कार्बन टैक्स को हटाकर ऊर्जा परियोजनाओं को और भी तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। पोइलिव्रे ने जर्मनी का बड़ा उदाहरण दिया जिसने भारी ऊर्जा संकट के बाद काफी तेजी से अपनी नई एलएनजी सुविधा बनाई थी।

इस ऊर्जा मुद्दे ने कनाडा में संघीय और प्रांतीय सरकारों के बीच भारी राजनीतिक तनाव को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। कार्नी कनाडा को एक बहुत बड़ा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति केंद्र बनाने पर पूरी तरह से अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वहीं ब्रिटिश कोलंबिया की सरकार हर हाल में पर्यावरणीय सुरक्षा और अपने स्थानीय हितों को सबसे पहली प्राथमिकता दे रही है।

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