सूडान में हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Gold Mine Killings South Sudan: दक्षिण सूडान की राजधानी के बाहरी इलाके में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां सोने की एक खदान पर कब्जे और वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने 70 से अधिक लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इस सामूहिक हत्याकांड की पुष्टि की है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और दर्जनों शव खुले मैदान में बिखरे मिले हैं।
यह भीषण नरसंहार सेंट्रल इक्वेटोरिया राज्य के जेबेल इराक स्थित सोने की खदान में हुआ। जानकारी के अनुसार, यह इलाका लंबे समय से अवैध खनिकों और बड़ी खनन कंपनियों के बीच हिंसक झड़पों का केंद्र रहा है। ताजा हमले में हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी की जिससे मौके पर ही 70 से ज्यादा लोगों की जान चली गई।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हुए हैं जिनमें खुले मैदान में पड़े दर्जनों शवों को देखा जा सकता है। स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक, कई पीड़ित अपनी जान बचाने के लिए झाड़ियों की ओर भागे थे जिनके बारे में फिलहाल कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है।
इस सामूहिक हत्याकांड के बाद देश में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। मुख्य विपक्षी दल ‘सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट/आर्मी-इन अपोजिशन’ (SPLM/A-IO) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। विपक्ष ने इस नरसंहार के लिए सीधे तौर पर सरकारी बलों, जिन्हें ‘दक्षिण सूडान पीपुल्स डिफेंस फोर्सेस’ (SSPDF) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। विपक्षी दल द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जेबेल इराक का यह क्षेत्र पूरी तरह से सरकारी बलों के नियंत्रण में है ऐसे में इतनी बड़ी घटना बिना उनकी मिलीभगत या लापरवाही के संभव नहीं है।
स्थानीय नागरिक अधिकार समूह ‘नाइल इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ ह्यूमन राइट्स एंड ट्रांजिशनल जस्टिस’ ने इस कृत्य को जीवन के मौलिक अधिकार का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। संस्थान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यह घटना उन क्षेत्रों में नागरिकों की असुरक्षा को उजागर करती है जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है और प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को संसाधन संपन्न क्षेत्रों में प्रभावी शासन और सख्त निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें:- परमाणु बम की दहलीज पर ईरान! महायुद्ध ने बदला तेहरान का गेमप्लान, क्या अब टूटेगा दशकों पुराना ‘परमाणु फतवा’?
प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता एडमंड याकानी ने भी इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह प्राकृतिक संसाधनों के लिए समुदायों के बीच बढ़ती इस खूनी दुश्मनी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। याकानी ने कहा कि देशभर में फल-फूल रही अवैध सोने के खनन की संस्कृति को रोकना अनिवार्य है अन्यथा मासूमों के खून बहने का यह सिलसिला थमेगा नहीं। पुलिस प्रवक्ता क्वासीज्वोक डोमिनिक अमोंडोक ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।