पाकिस्तान में भी बांग्लादेश जैसे हालात, चीफ जस्टिस का सिर काटने का फतवा जारी, SC में घुसी भीड़
पाकिस्तान में भी बांग्लादेश जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। वहां की जनता ने सुप्रीम कोर्ट के जज के खिलाफ फतवा जारी किया है। जज के सिर काटने पर 1 करोड़ की ईनामी राशि तय गई। पाकिस्तान में आज जनता की भीड़ सुप्रीम कोर्ट के भीतर घुस गई। यह पूरा मामला राइट टू रिलीजन को लेकर शुरू हुआ है।
- Written By: शानू शर्मा
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में भी बांग्लादेश जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। पाकिस्तान के चीफ जस्टिस काजी फैज ईसा के सिर काटने का फतवा जारी किया गया है। ऐसा करने पर 1 करोड़ की ईनामी राशि भी रखी गई है। यह सारा सिलसिला जज के एक फैसले से शुरू हुआ, जब जज साहब ने अहमदिया व्यक्ति मुबारकी सानी को ‘राइट टू रिलीजन’ के तहत ‘ईशनिंदा’ के आरोपों से बरी कर दिया था।
इस फैसले के बाद लोगों में गुस्सा फैल गया। वो पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में जा पहुंचे। भीड़ को हटाने के लिए प्रशासन को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। जनता का गुस्सा तब भी काबू नहीं हुआ तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड को तितर-बितर कर दिया।
बता दें कि यह पूरा मामला 24 जुलाई से शुरू हुआ। जब सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की याचिका स्वीकार ली। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अहमदिया व्यक्ति मुबारक अहमद सानी को जमानत दे दी गई। जिसके बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों के बड़े समूह ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सम्बंधित ख़बरें
Aaj Ka Rashifal: गुरुवार को इस राशि की चमकेगी किस्मत, जानें सभी राशियों का दैनिक राशिफल
‘राम एक शादी करते हैं तो रहीम से भी यही उम्मीद…’ इंदौर में UCC पर बोले सीएम मोहन यादव- देखें VIDEO
आगरा कैंट विवाद: ट्रेनों को रोकना राष्ट्रविरोधी है, आरपीएफ कमांडेंट का विस्फोटक बयान; देखें VIDEO
गैरकानूनी काम करने वाले ही दिल्ली के चक्कर लगाते हैं…अरविंद सावंत का बागी सांसदों पर तीखा हमला
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट पर मुस्लिम समुदाय का हमला!
अल्पसंख्यकों को उनका धर्म के अनुसार की स्वतंत्रता देने पर मुस्लिम समुदाय हुआ नाराज और उन्होंने Supreme Court पर हमला कर दिया #SupremeCourt #Pakistan pic.twitter.com/fHXfbGT2PX — Bajrang jajra (@Bajrangjat_rj21) August 20, 2024
यह भी पढ़ें- बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया के लौटे अच्छे दिन, 17 साल बाद हटायी जाएगी बैंक खातों पर लगी रोक
यह पूरा मामला उस केस से जुड़ा है जब अहमदिया व्यक्ति मुबारक अहमद सानी पर साल 2019 में ईशनिंदा का आरोप लगा था। सानी ने अहमदियों से जुड़े पर्चे बाँटे थे। इस मामले में उसे पंजाब पवित्र कुरान (प्रिंटिंग एंड रिकॉर्डिंग) (संसोधन) एक्ट, 2021 के तहत सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा गया कि यह मामला 2021 से पहले का था और संशोधित हुआ कानून 2021 का है।
जिसके हिसाब से उसे रिहा किया जाता है। जिसके तुरंत बाद ईसा के खिलाफ नफरती अभियान चलाना शुरू कर दिया। लगातार विरोध प्रदर्शन किए गए, रोडों को ब्लॉक कर दिया गया। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले पर सफाई भी पेश की। इसके बाद भी आज फिर उच्चतम न्यालय के बाहर हंगामा किया गया।
