पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में लश्कर आतंकी, पाकिस्तान का टेरर लव फिर एक्सपोज
Shoaib Akhtar Brother: शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े राजनीतिक संगठन के नेता खुलेआम देखे गए। पाकिस्तान में आतंकियों की मौजूदगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े सवाल खड़े करती है।
- Written By: प्रिया सिंह
शोएब अख्तर के भाई के अंतिम संस्कार में आतंकी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Shoaib Akhtar Brother Funeral News: पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर इन दिनों क्रिकेट नहीं बल्कि एक बेहद गंभीर और विवादित वजह से चर्चा में आ गए हैं। हाल ही में उनके बड़े भाई शाहिद अख्तर का इंतकाल हो गया और उनका जनाजा इस्लामाबाद में निकाला गया। इस दुखद मौके की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वायरल वीडियोज ने शोएब अख्तर के भाई के अंतिम संस्कार की खबर को एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
वायरल वीडियो में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के कई लोग मौजूद दिख रहे हैं। यह एक बार फिर साबित करता है कि पाकिस्तान में खूंखार आतंकवादी बिना किसी डर के खुलेआम सड़कों पर घूमते हैं। 27 जून 2026 को सामने आई इस खबर से पूरी दुनिया हैरान है और पाकिस्तान की नियत पर शक कर रही है। आतंकी संगठनों के नेताओं का यूं जनाजे में पहुंचना देश की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मौजूदगी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद अख्तर का जनाजा इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में पूरे रीति-रिवाजों के साथ अदा किया गया था। इस नमाज-ए-जनाजा में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान भी शामिल हुए। इनाम-उर-रहमान को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का बेहद करीबी माना जाता है। इस वीडियो को पीएमएमएल के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी बड़े गर्व के साथ साझा किया गया था।
सम्बंधित ख़बरें
मोदी-ट्रंप की दोस्ती फिर रचेगी इतिहास! अगले साल भारत आएंगे डोनाल्ड ट्रंप, मार्को रुबियो ने किया ऐलान
असम में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, सुरक्षा एजेंसियों ने 2 एक्टिव सदस्यों को किया गिरफ्तार, विस्फोटक बरामद
Donald Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी, डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर लगेगा 100% कर
पाकिस्तान में 5.4 तीव्रता का भूकंप, दहशत में घर छोड़कर भागे लोग; क्या मंडरा रहा है बड़ा खतरा?
खूंखार आतंकियों के साथ गहरे संबंध
पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग असल में लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया राजनीतिक मुखौटा और मंच माना जाता है। इनाम-उर-रहमान का नाम पहले भी कई आतंकी गतिविधियों और विवादों में प्रमुखता से सामने आ चुका है। सोशल मीडिया की कुछ पुरानी तस्वीरों में इनाम-उर-रहमान पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी दिख चुका है। यह साफ दर्शाता है कि इन आतंकी संगठनों की जड़ें पाकिस्तान के समाज में कितनी गहरी हो चुकी हैं।
जनाजे में पहुंचे नेशनल असेंबली के स्पीकर
इस जनाजे में सिर्फ आतंकी ही नहीं बल्कि पाकिस्तान सरकार के बड़े और जिम्मेदार अधिकारी भी मौजूद थे। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक भी शोएब अख्तर के घर दुख जताने पहुंचे। असेंबली के आधिकारिक बयान में कहा गया कि स्पीकर ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए वहां प्रार्थना की। एक ही जगह पर आतंकियों और सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को बेनकाब करती है।
यह भी पढ़ें: Donald Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी, डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर लगेगा 100% कर
पाकिस्तान के टेरर नेटवर्क पर उठते सवाल
जनाजे में प्रतिबंधित संगठन के लोगों की इस तरह मौजूदगी ने पाकिस्तान के सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर हमेशा से यह गंभीर आरोप लगते रहे हैं कि वह आतंकियों को पनाह देता है। प्रतिबंधित संगठन अपने नाम बदलकर नए राजनीतिक मंचों के जरिए देश में अपनी गतिविधियां लगातार जारी रखते हैं। दुनिया भर के देश अब पाकिस्तान से इस मामले पर कड़े जवाब की उम्मीद कर रहे हैं।
