Donald Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी, डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर लगेगा 100% कर
Donald Trump Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन सभी देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की कड़ी चेतावनी दी है जो अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स लगाने की तैयारी में हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Donald Trump Tariff On Countries Over Digital Service Tax: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों को एक बहुत ही कड़ी और बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दिए बयान में स्पष्ट कहा है कि वह अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर किसी भी प्रकार का कर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अगर कोई भी देश ऐसा नया डिजिटल सर्विस टैक्स लागू करता है तो अमेरिका उस देश से आने वाले सभी सामानों पर तुरंत भारी टैक्स लगाएगा। अमेरिका उन देशों के आयातित सामानों पर तत्काल प्रभाव से 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा जिससे भारी व्यापार युद्ध शुरू होने की पूरी संभावना है।
ट्रंप ने अपनी इस चेतावनी में साफ कहा है कि कई यूरोपीय देश इस तरह के डिजिटल टैक्स को लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। कुछ देश तो इस नए कर को बहुत ही जल्द लागू करने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं जिससे तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी यह व्यापारिक चेतावनी सभी देशों के लिए है और इसे बहुत ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इस नए विवाद से अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच पहले से चले आ रहे व्यापारिक संबंधों में तनाव और भी गहरा हो गया है।
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व्यापारिक समझौते में हुई देरी
पिछले वर्ष अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच एक बड़ा व्यापारिक समझौता हुआ था जिसके तहत अमेरिकी टैरिफ को यूरोपीय वस्तुओं पर 15 प्रतिशत तक सीमित रखा गया था। यूरोपीय देशों ने भी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क पूरी तरह से शून्य करने पर अपनी सहमति जताई थी। लेकिन यूरोपीय संघ की लंबी विधायी प्रक्रिया के कारण इस समझौते को पूरी तरह लागू करने में बहुत देरी हुई जिससे डोनाल्ड ट्रंप काफी नाराज हो गए हैं। उन्होंने पहले भी यूरोप से आयातित कुछ खास वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का टैरिफ दोबारा लगाने की बहुत कड़ी धमकी दी थी।
फ्रांस से क्यों शुरू हुआ विवाद
इस पूरे नए व्यापारिक विवाद के केंद्र में सबसे प्रमुख रूप से फ्रांस ही है जिसने अमेरिकी कंपनियों पर टैक्स लगाया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में बिल्कुल स्पष्ट किया था कि उनका देश अमेरिकी दबाव में आकर अपना डिजिटल सेवा कर कभी भी समाप्त नहीं करेगा। फ्रांस ने 2019 में डिजिटल सेवाओं से होने वाली अपनी आय पर 3 प्रतिशत का कर लागू किया था जो कि एक बहुत बड़ा फैसला था। यह कर उन कंपनियों पर है जिनका फ्रांस में वार्षिक राजस्व 2.5 करोड़ यूरो और वैश्विक राजस्व 75 करोड़ यूरो से ज्यादा है।
फ्रांसीसी वाइन पर भारी टैरिफ
पिछले वर्ष फ्रांसीसी सांसदों ने इस विवादित कर को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का एक नया प्रस्ताव भी वहां रखा था। इस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले भी कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर फ्रांस इस नए टैक्स को वापस नहीं लेता तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा। अमेरिका इस विवाद के जवाब में फ्रांसीसी वाइन पर सीधे तौर पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर विचार कर सकता है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय भी लंबे समय से फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया और स्पेन के इस डिजिटल सर्विस टैक्स का बहुत कड़ा विरोध कर रहा है।
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दिग्गज अमेरिकी कंपनियों को निशाना
अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि ये डिजिटल कर मुख्य रूप से सिर्फ अमेरिकी तकनीकी दिग्गजों को ही अपना सीधा निशाना बनाते हैं। चूंकि वैश्विक डिजिटल सेवा क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों का बहुत बड़ा वर्चस्व है इसलिए उन पर यह कर लगाना एक भेदभावपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ट्रंप की इस नई और खतरनाक चेतावनी से अमेरिका और यूरोप के बीच एक बड़े व्यापार युद्ध की आशंकाएं फिर से बहुत तेजी से बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर बहुत ही गंभीर रूप से जरूर पड़ सकता है।
