तेल के कुएं होंगे बंद, खजाना होगा खाली! US वित्त मंत्री ने किया ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ का ऐलान, बताया आगे का प्लान
US-Iran War: स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और बंदरगाह नाकेबंदी जारी रखने की बात कही, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाकर होर्मुज क्षेत्र में प्रतिबंध जारी रखने का ऐलान किया है।
- Written By: अक्षय साहू
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Scott Bessent on US-Iran War: अमेरिका के वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर बड़ा आर्थिक दबाव बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी, जिससे उसके तेल के निर्यात को रोका जाएगा और उसकी अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में आ सकती है।
बेसेंट का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम को आगे बढ़ाने की घोषणा की है, हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने स्टेट ऑफ होर्मुज के आसपास नाकेबंदी हटाने से इनकार कर दिया है।
ईरानी बंदरगाहों पर जारी रहेगी US की नाकेबंदी
बेसेंट ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगी। उनके अनुसार, इस कदम से कुछ ही दिनों में खर्ग द्वीप का तेल भंडारण भर जाएगा और ईरान के कई तेल कुएं बंद होने की स्थिति में आ जाएंगे, जिससे उसकी आय पर सीधा असर पड़ेगा।
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उन्होंने आगे कहा कि ईरान के समुद्री व्यापार को सीमित करने से उसकी सरकार की मुख्य आर्थिक नसें कमजोर होंगी। अमेरिका “इकोनॉमिक फ्यूरी” यानी आर्थिक दबाव के जरिए लगातार ईरान पर दबाव बनाए रखेगा, जिससे उसकी कमाई, धन हस्तांतरण और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन की क्षमता घटेगी।
ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने की योजना
अमेरिकी वित्त मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति या जहाज ईरान के साथ अवैध व्यापार या वित्तीय लेन-देन में मदद करेगा, उस पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। उनका कहना है कि अमेरिका ईरान के भ्रष्ट नेताओं की आर्थिक संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी जारी रखेगा।
ट्रंप ने बढ़ाई सीजफायर की समयसीमा
इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के अनुरोध के बाद लिया गया है और तब तक लागू रहेगा जब तक ईरान कोई ठोस प्रस्ताव नहीं देता। ट्रंप के अनुसार, ईरान की सरकार अंदरूनी रूप से बंटी हुई है, इसलिए उसे बातचीत के लिए समय दिया गया है।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना को होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी जारी रखने का निर्देश दिया गया है। अमेरिका का उद्देश्य है कि ईरान अपने तेल का निर्यात न कर सके, ताकि उस पर दबाव बढ़ाया जा सके।
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होर्मुज को लेकर तेहरान का पीछे हटने से इनकार
वहीं ईरान ने इस नाकेबंदी को वार्ता की मुख्य शर्त बना दिया है और कहा है कि बिना प्रतिबंध हटाए कोई बातचीत संभव नहीं है। अमेरिका का दावा है कि स्टेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की इच्छा ईरान की नहीं है, बल्कि वह इसे खुला रखकर अपनी आर्थिक आय बनाए रखना चाहता है।
