मिडिल ईस्ट में नया ‘शीतयुद्ध’! सऊदी ने छीना यूएई का सबसे भरोसेमंद साथी, जानें अल्जीरिया के बागी होने का कारण
Saudi UAE Algeria Conflict: मिडिल ईस्ट में वर्चस्व की जंग तेज हो गई है। सऊदी अरब ने यूएई को बड़ा झटका देते हुए अल्जीरिया को अपने पाले में कर लिया है, जिससे पुराने रणनीतिक समीकरण ध्वस्त हो गए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
सऊदी यूएई अल्जीरिया तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Middle East Cold War News: अरब जगत के दो सबसे शक्तिशाली देश सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच अब अल्जीरिया को लेकर एक नया ‘शीतयुद्ध’ छिड़ गया है। हालिया घटनाक्रमों में सऊदी अरब ने एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल करते हुए अल्जीरिया को यूएई के प्रभाव क्षेत्र से बाहर निकाल लिया है।
इसके साथ ही अल्जीरिया ने यूएई के साथ अपने पुराने और महत्वपूर्ण समझौतों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे अबू धाबी को बड़ा रणनीतिक नुकसान हुआ है।
7 अरब डॉलर की डील
सऊदी अरब ने अल्जीरिया को अपने करीब लाने के लिए आर्थिक और सामरिक मोर्चे पर बड़े कदम उठाए हैं। सऊदी ने अल्जीरिया के साथ 7 अरब डॉलर (करीब 58,000 करोड़ रुपये) के एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो अपशिष्ट संकट के प्रबंधन से जुड़ा है।
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इसके अलावा, दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सुरक्षा समझौते पर भी बातचीत अंतिम चरण में है। इस डील के तहत भविष्य में अल्जीरिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी सऊदी अरब संभाल सकता है। इस कूटनीतिक बढ़त का असर यह हुआ है कि अमेरिका का नजरिया भी अब अल्जीरिया को लेकर बदलने लगा है।
अल्जीरिया क्यों हुआ बागी?
अल्जीरिया और यूएई के बीच दरार का मुख्य कारण संप्रभुता का मुद्दा है। अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौने ने यूएई पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसने साल 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में दखल देने की कोशिश की थी। इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ मानते हुए अल्जीरिया ने यूएई के साथ अपना हवाई सेवा समझौता तोड़ने का ऐलान कर दिया है जिससे दोनों देशों के बीच सीधा हवाई संपर्क खत्म हो सकता है।
सामरिक महत्व और पुरानी रंजिश
अल्जीरिया क्षेत्रफल के लिहाज से अफ्रीका का सबसे बड़ा देश है और भूमध्य सागर पर इसकी स्थिति इसे सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत शिपिंग ट्रैफिक इसी क्षेत्र से गुजरता है। सऊदी अरब द्वारा यूएई को झटका देने का यह पहला मामला नहीं है।
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इससे पहले यमन में सऊदी ने यूएई समर्थित जहाजों पर बमबारी कर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया था। वहीं सूडान में भी सऊदी ने अमेरिका की एंट्री कराकर यूएई समर्थित आरएसएफ (RSF) के प्रभाव को कम करने का खेल खेला है। जानकारों का मानना है कि अल्जीरिया का पाला बदलना यूएई के लिए उत्तरी अफ्रीका में एक बड़ी हार है।
