ईरान पर हमले के लिए अमेरिका को अपना एयरस्पेस नहीं देगा सऊदी अरब (सोर्स- सोशल मीडिया)
Saudi Arabia Iran News: अमेरिका ईरान को लगातार हमलों की धमकियां दे रहा है। इस बीच, इस्लामिक दुनिया में शिया और सुन्नी देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद कुछ हद तक कम होते दिखाई दे रहे हैं। सऊदी अरब ने हाल ही में ईरान को भरोसा दिया है कि वह अपनी जमीन या एयरस्पेस का इस्तेमाल किसी भी अमेरिकी हमले के लिए नहीं होने देगा।
सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करना चाहे, तो उसकी धरती और हवाई क्षेत्र का उपयोग उस हमले के लिए नहीं किया जाएगा। यह भरोसा इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सऊदी अरब अमेरिका के करीबी सहयोगियों में शामिल है और शिया-सुन्नी विवाद के कारण ईरान के साथ उसका रिश्ता हमेशा तनावपूर्ण रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी ईरान को धमकी दी है कि यदि देश में प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरती गई, तो वह सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। ऐसे समय में सऊदी अरब का यह कदम, यानी किसी भी हमले में सहयोग न करने का भरोसा, ईरान के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
खासकर तब जब पाकिस्तान समेत किसी अन्य इस्लामिक देश ने ईरान के साथ एकता का समर्थन नहीं किया है। पाकिस्तान अक्सर इस्लामिक एकता की बात करता रहा है, लेकिन अमेरिकी धमकियों के बावजूद उसने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
सऊदी विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने मीडिया को बताया कि सऊदी अरब ने ईरान को साफ कर दिया है कि वह किसी भी अमेरिकी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा और उसकी जमीन व एयरस्पेस का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं किया जाएगा। अमेरिका के मिडल ईस्ट में कई सैन्य ठिकाने हैं, जिनमें कुछ सऊदी अरब में भी स्थित हैं। ऐसे में सऊदी अरब का यह स्पष्ट रुख यह दर्शाता है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव में किसी पक्ष का समर्थन नहीं करेगा।
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि ईरान ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। इस पूरे परिदृश्य में, सऊदी अरब का यह भरोसा न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम है, बल्कि यह शिया-सुन्नी विवाद को पीछे रखते हुए इस्लामिक दुनिया में नए राजनीतिक संकेत भी देता है।