जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (सोर्स-सोशल मीडिया)
Japan Parliamentary Election Exit Poll: जापान में रविवार को संपन्न हुए संसदीय चुनावों के एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के नेतृत्व वाले गठबंधन को भारी बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की गई है। जापानी मीडिया एनएचके के अनुसार 465 सीटों वाले निचले सदन में ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को दो-तिहाई सीटें मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। यह ऐतिहासिक जीत ताकाइची को उनके दक्षिणपंथी एजेंडे, रक्षा सुधारों और चीन के खिलाफ सख्त सैन्य नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का बड़ा अवसर प्रदान करेगी। ताकाइची ने पदभार संभालने के मात्र तीन महीने बाद ही यह चुनाव बुलाए थे ताकि वह अपनी लोकप्रियता का लाभ उठाकर पार्टी की स्थिति मजबूत कर सकें।
सनाए ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और युवाओं के बीच अपनी सख्त कार्यशैली और “काम, काम, काम” के नारे के कारण अत्यंत लोकप्रिय हैं। एग्जिट पोल के आंकड़े दर्शाते हैं कि उनकी पार्टी और जापान इनोवेशन पार्टी का गठबंधन विपक्ष को पूरी तरह पीछे छोड़ते हुए सत्ता पर काबिज होने वाला है। प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया था कि अगर उन्हें बहुमत नहीं मिला तो वह इस्तीफा दे देंगी, लेकिन अब उनकी जीत से राजनीतिक स्थिरता आने की उम्मीद है।
ताकाइची का मुख्य उद्देश्य जापान की सुरक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन करना और रक्षा खर्च को बढ़ाकर सैन्य क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर लाना है। वह चीन के साथ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए अमेरिका के साथ अपने संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने और डोनाल्ड ट्रंप के साथ तालमेल बिठाना चाहती हैं। हथियार निर्यात पर प्रतिबंध हटाने और शांतिवादी सिद्धांतों से दूर जाने का उनका वादा दक्षिणपंथी समर्थकों को उनकी ओर आकर्षित करने में काफी सफल रहा है।
आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने तकनीकी निवेश और विकास के माध्यम से जापानी उद्योगों को वैश्विक बाजार में फिर से शीर्ष पर लाने का संकल्प लिया है। उन्होंने संकट प्रबंधन निवेश पर जोर दिया है जिससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके और आम नागरिकों के वेतन में संतोषजनक वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। आप्रवासन और विदेशी संपत्ति स्वामित्व पर सख्त नियमों के माध्यम से वह देश की आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान को भी सुरक्षित रखने का प्रयास कर रही हैं।
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मतदान के दिन जापान के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी हुई जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बावजूद मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मतदाताओं का मानना है कि ताकाइची के नेतृत्व में देश को वह स्थिरता मिलेगी जो पिछले कई सालों से राजनीतिक घोटालों के कारण पूरी तरह गायब हो गई थी। विपक्षी गठबंधन के बिखराव और किसी ठोस विकल्प के अभाव ने ताकाइची के रास्ते को और आसान बना दिया जिससे वह अब एक अत्यंत शक्तिशाली नेता के रूप में उभरी हैं।