रूस का यूक्रेन पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Russian Drone Strikes Odesa Easter Ceasefire Attack: दुनिया जब ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के पवित्र त्योहार की तैयारी कर रही है तब यूक्रेन का प्रमुख बंदरगाह शहर ओडेसा रूसी ड्रोनों के धमाकों से दहल उठा। शनिवार, 11 अप्रैल 2026 की सुबह ओडेसा के आवासीय इलाकों पर हुए इन हमलों में कम से कम दो नागरिकों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने त्योहार के उपलक्ष्य में एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी।
यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने रात भर में यूक्रेन की सीमा के भीतर लगभग 160 ड्रोन दागे। हालांकि यूक्रेनी रक्षा प्रणालियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 133 ड्रोनों को मार गिराया लेकिन कई ड्रोन घनी आबादी वाले इलाकों में जा गिरे। ओडेसा में हुए इस हमले ने न केवल अपार्टमेंट और घरों को मलबे में तब्दील कर दिया बल्कि एक किंडरगार्टन को भी अपनी चपेट में ले लिया। बचाव दल अभी भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटे हैं और क्षतिग्रस्त इमारतों से मलबा हटाया जा रहा है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को घोषणा की थी कि शनिवार शाम 4 बजे से रविवार के अंत तक रूसी सेनाएं यूक्रेन में शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद रखेंगी। क्रेमलिन ने इसे एक “मानवीय कदम” बताया था। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन इस विराम का पालन करेगा और इसे शांति की दिशा में एक अवसर के रूप में देखेगा लेकिन उन्होंने रूस को चेतावनी भी दी कि किसी भी सैन्य उल्लंघन पर तत्काल और सख्त जवाबी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘ईस्टर सुरक्षा और सन्नाटे का समय होना चाहिए लेकिन हम जानते हैं कि हम किसके साथ व्यवहार कर रहे हैं’।
युद्ध के मोर्चे पर जारी तबाही के बीच कूटनीतिक स्तर पर कैदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया पर चर्चा चल रही है। रूस की मानवाधिकार लोकपाल तात्याना मोस्कलकोवा ने पुष्टि की है कि दोनों पक्ष इस मानवीय पहल को सफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके साथ ही, शनिवार को बेलारूसी-यूक्रेनी सीमा पर सात रूसी नागरिकों की घर वापसी हुई है जो कुर्स्क क्षेत्र से यूक्रेन ले जाए गए थे। यूक्रेन ने पहले रूस को ईस्टर के दौरान एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने का भी प्रस्ताव दिया था।
यह भीषण युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही वार्ताओं का अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उन्होंने भी रात भर में 99 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया है।
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पुतिन की सीजफायर घोषणा और ओडेसा पर ताजा हमलों के बीच विरोधाभास ने इस अस्थाई शांति की सफलता पर गहरा संशय बना दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह 32 घंटे का विराम वास्तव में शांति की ओर कोई कदम साबित होगा या यह केवल कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।