US-Iran शांति वार्ता से पहले पाक में सऊदी की 'एंट्री', PM शहबाज से मिले वित्त मंत्री, क्या है नया गेमप्लान?

Saudi Finance Minister Pakistan: अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली सीजफायर वार्ता से ठीक पहले सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की है।
Saudi 'Entry' into Pakistan Ahead of US-Iran Peace Talks: Finance Minister Meets PM Shehbaz—What Is the New Game Plan?
मोहम्मद अल जादान और शहबाज शरीफ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Saudi Finance Minister Pakistan Visit US Iran Talks: दक्षिण एशिया की कूटनीतिक राजधानी बन चुके इस्लामाबाद में हलचल तेज है। शनिवार को होने वाली बहुप्रतीक्षित अमेरिका-ईरान सीजफायर वार्ता से ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान (Mohammed al-Jadaan) अचानक पाकिस्तान पहुंचे।

इस दौरे ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। वित्त मंत्री अल-जदान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की जिसमें भविष्य की रणनीतियों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहन चर्चा की गई।

सऊदी-पाक बैठक में सुरक्षा

प्रधानमंत्री आवास में हुई इस बैठक में केवल आर्थिक मुद्दों पर ही बात नहीं हुई, बल्कि इसमें पाकिस्तान के उपमुख्यमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ-साथ चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर भी शामिल हुए। सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति इस बात का साफ संकेत है कि यह मुलाकात केवल निवेश तक सीमित नहीं थी बल्कि इसमें खाड़ी देशों में जारी मौजूदा तनाव और सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है। पाकिस्तान वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है, ऐसे में सऊदी अरब की सलाह और समर्थन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

'कंधे से कंधा' मिलाकर खड़े रहने का संकल्प

बैठक के दौरान पीएम शहबाज शरीफ ने सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के प्रति आभार व्यक्त किया। शरीफ ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता में सऊदी अरब की निरंतर वित्तीय सहायता ने संजीवनी का काम किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के रिश्ते दशकों पुराने हैं और दोनों देश हर मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे के साथ 'कंधे से कंधा' मिलाकर खड़े रहे हैं।

सीजफायर वार्ता पर टिकी नजरें

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब शनिवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के उच्च प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठने वाले हैं। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि सऊदी अरब इस शांति प्रक्रिया में एक अदृश्य लेकिन शक्तिशाली स्तंभ की भूमिका निभा रहा है।

पाकिस्तान ने भी साफ कर दिया है कि वह व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास के कई क्षेत्रों में सऊदी अरब के साथ अपना सहयोग और अधिक विस्तार देगा। इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें शनिवार को होने वाली सीजफायर वार्ता पर टिकी हैं। क्या पाकिस्तान, सऊदी अरब के सहयोग से मिडिल ईस्ट में शांति का नया रास्ता खोल पाएगा? यह आने वाले कुछ घंटे तय करेंगे।

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