व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Russia Undersea Cables Attack Europe Internet: वर्तमान में जब पूरी दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया में जारी ईरान युद्ध पर केंद्रित है, रूस ने यूरोप के खिलाफ एक बेहद खतरनाक और रणनीतिक ‘सरप्राइज प्लान’ तैयार कर लिया था। ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों ने खुलासा किया है कि रूस समुद्र के भीतर मौजूद उन महत्वपूर्ण इंटरनेट केबल्स और पाइपलाइनों को निशाना बना रहा था।
जो पूरे यूरोप की संचार व्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन मानी जाती हैं। हालांकि, ब्रिटिश रॉयल नेवी ने नॉर्वे के साथ मिलकर एक महीने से अधिक चली कड़ी निगरानी के बाद रूस के इस बड़े हमले को विफल कर दिया है।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए इसे रूस की ‘दुर्भावनापूर्ण गतिविधि’ करार दिया। उन्होंने बताया कि यह सुरक्षा अभियान पिछले दो महीनों से भी ज्यादा समय से चल रहा था। इस हाई-प्रोफाइल मिशन में एक ब्रिटिश फ्रिगेट (जंगी जहाज), विशेष विमान और सैकड़ों सैन्यकर्मी तैनात किए गए थे।
ब्रिटिश खुफिया तंत्र ने रूसी नौसेना की एक अटैक सबमरीन और दो जासूसी पनडुब्बियों की गतिविधियों को ट्रैक किया, जो पाइपलाइनों के बेहद करीब संदिग्ध रूप से घूम रही थीं।
रक्षा सचिव जॉन हीली ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मास्को चाहता है कि दुनिया की नजरें रूस-यूक्रेन युद्ध से हटकर केवल पश्चिम एशिया के संकट पर टिकी रहें। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि भले ही दुनिया का ध्यान कहीं और हो, लेकिन लंदन आज भी रूस को ही वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है। हीली ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हम पुतिन की हर हरकत पर नजर रख रहे हैं और हमारी नजर उनके ऊपर से कभी नहीं हटेगी।
ब्रिटिश सेना ने इस ऑपरेशन के दौरान सीधे टकराव के बजाय एक बेहद प्रभावी रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाया। रॉयल नेवी ने रूसी पनडुब्बियों की गोपनीयता को पूरी तरह से भंग कर दिया और उन्हें यह स्पष्ट संकेत दिया कि वे खुले समुद्र में ब्रिटिश मिसाइलों और रडार के निशाने पर हैं। जैसे ही रूसी नौसेना को अहसास हुआ कि उनकी स्थिति उजागर हो चुकी है और उनके मिशन की गोपनीयता खत्म हो गई है, वे अपने मिशन को बीच में ही छोड़कर रूसी जलक्षेत्र की ओर लौटने पर मजबूर हो गए।
यह हमला कितना विनाशकारी हो सकता था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन इंटरनेट केबल्स को निशाना बनाने की कोशिश की गई, उनसे दुनिया का लगभग 99 फीसदी डेटा ट्रैफिक गुजरता है। इसके अलावा, समुद्र के नीचे बिछी ये पाइपलाइनें यूरोप के लिए ऊर्जा सुरक्षा का मुख्य स्रोत हैं।
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ब्रिटेन ने रूस को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इन केबलों या पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचाया गया, तो इसके बेहद ‘गंभीर परिणाम’ होंगे। वर्तमान में ये सभी केबल और पाइपलाइन पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही हैं।