रूस ने उड़ाए यूक्रेन के 2 MiG-29, फिर जेलेंस्की ने किया ऐसा पलटवार कि मच गया हड़कंप

Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्षों ने भीषण पलटवार किया है। यूक्रेन ने रूस के एक सैन्य कारखाने को मिसाइलों से दहला दिया, वहीं रूस ने यूक्रेन के दो मिग-29 लड़ाकू विमान को मार गिराया।
Zelenskyy's 'Flamingo' missile wreaks havoc in Russia! Massive fire at military factory; Putin scrambles 2 fighter jets.
वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Russia Ukraine War Latest News In Hindi: रूस और यूक्रेन के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब एक बेहद विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है, जहां दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। शनिवार को दोनों पक्षों की ओर से किए गए बड़े हमलों ने युद्ध की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।

एक तरफ जहां रूसी सेना ने यूक्रेनी वायुसेना के लड़ाकू विमानों को जमीन पर ही ढेर करने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन ने रूस के भीतर घुसकर उसके एक महत्वपूर्ण रक्षा संयंत्र को 'फ्लेमिंगो' मिसाइलों से निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है।

रूस का एयरफील्ड पर सटीक प्रहार

रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक आधिकारिक रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया कि उसके बलों ने दक्षिणी यूक्रेन में एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान को अंजाम दिया है। रूसी सेना ने निकोलेव शहर के पास स्थित वोज़्नेसेंस्क एयरफील्ड को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती ड्रोन्स का इस्तेमाल किया। इस सटीक ड्रोन हमले में यूक्रेनी वायुसेना के दो MiG-29 लड़ाकू विमान पूरी तरह नष्ट हो गए।

रूसी मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक वीडियो के अनुसार, हमले के वक्त एक मिग-29 लड़ाकू विमान बंकर के बाहर खुले रनवे पर खड़ा था, जबकि दूसरा फाइटर जेट बंकर के भीतर रीफ्यूलिंग यानी ईंधन भरने की प्रक्रिया में था। ड्रोन स्ट्राइक के बाद वहां धधकती हुई भीषण आग और तबाही के दृश्यों ने यूक्रेनी वायुसेना को लगे इस बड़े झटके की पुष्टि की है।

यूक्रेन का रूसी सैन्य कारखाने पर 'फ्लेमिंगो' अटैक

रूसी हमले के तुरंत बाद राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने मोर्चा संभालते हुए रूसी सीमा के भीतर किए गए एक सफल हमले की जानकारी साझा की। ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि यूक्रेनी सेना ने रूस के वोल्गोग्राद शहर में स्थित 'टायटन-बैरिकाडी'  नामक एक विशाल सैन्य प्रतिष्ठान पर अपनी नई 'फ्लेमिंगो' मिसाइलों से हमला किया है।

इस हमले के बाद रूसी रक्षा संयंत्र के पूरे परिसर में भयंकर आग लग गई है, जिसने पुतिन की सेना की आपूर्ति श्रृंखला को तगड़ा झटका दिया है।

क्यों महत्वपूर्ण था 'टायटन-बैरिकाडी' प्लांट?

राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, टायटन-बैरिकाडी केवल एक कारखाना नहीं, बल्कि एक विशाल औद्योगिक परिसर है जो रूसी युद्ध मशीनरी के लिए रीढ़ की हड्डी जैसा है। इसी कारखाने में उन आधुनिक तोपखाना प्रणालियों और विशेष सैन्य उपकरणों का निर्माण किया जाता है, जिनका इस्तेमाल रूसी सेना यूक्रेन के खिलाफ अग्रिम मोर्चों पर कर रही है।

जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई के जरिए यूक्रेन ने यह साबित कर दिया है कि उसके लंबी दूरी के हथियारों की पहुंच अब रूस के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों तक हो गई है, जिससे युद्ध का दायरा और अधिक बढ़ गया है।

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