

Ukraine Russia Oil Refinery Strike: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार वर्षों से अधिक समय से जारी भीषण सैन्य संघर्ष ने गुरुवार को एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। यूक्रेन ने रूस की राजधानी शहर मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के प्रभाव को देखते हुए रूस ने मॉस्को के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है।
रूस की नागरिक उड्डयन संस्था 'रोसावियात्स्य' ने इस आपातकालीन स्थिति की पुष्टि की है। संस्था के अनुसार, हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। रूसी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने मॉस्को की सीमा के भीतर लगभग 180 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में ड्रोनों का राजधानी तक पहुंच जाना रूस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस महाहमले के तुरंत बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली है। जेलेंस्की ने बताया कि यह हमला कोई सामान्य सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि इसी सप्ताह में दूसरी बार मॉस्को की एक बड़ी तेल रिफाइनरी को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और तस्वीरों में रिफाइनरी से उठते काले धुएं के गुबार ने हमले की भयावहता को स्पष्ट कर दिया है।
जेलेंस्की ने अपने टेलीग्राम संदेश में कहा कि यह कार्रवाई यूक्रेन के शहरों और निर्दोष नागरिकों पर किए गए रूसी हमलों का एक 'बिल्कुल जायज' और कड़ा जवाब है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेनी सेना का लक्ष्य रूस की उस सैन्य मशीनरी की कमर तोड़ना है, जो इस युद्ध को अनवरत ईंधन दे रही है।
युद्ध के इस नए चरण में दोनों ही पक्ष अब एक-दूसरे के ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को तबाह करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑयल रिफाइनरी, पावर प्लांट और प्रमुख ऊर्जा केंद्रों पर हमले का मुख्य उद्देश्य विरोधी देश की रसद और Supply Chain को बाधित करना है। यूक्रेन के ये बढ़ते हमले इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में इसके और अधिक आक्रामक होने की संभावना है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी खुलासा किया कि उनके सैनिक केवल मॉस्को तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने रूस के रोस्तोव प्रांत और यूक्रेन के उन हिस्सों में भी कई रूसी सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है, जिन पर रूस का अवैध कब्जा है। इन चौतरफा हमलों के बाद अब पूरे रूस में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
राजधानी मॉस्को सहित अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है, क्योंकि यह स्पष्ट हो गया है कि यूक्रेन अब युद्ध को सीधे रूस के दिल तक ले जाने की क्षमता रखता है।