रूस ने यूक्रेन में यात्री ट्रेन और कई शहरों पर किया हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
Russian Drone Strikes In Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूसी सेना ने हाल ही में यूक्रेन के विभिन्न इलाकों में ड्रोन हमले को अंजाम दिया है। इन हमलों में एक यात्री ट्रेन को निशाना बनाया गया जिससे निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। यूक्रेनी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे मानवता के खिलाफ एक बड़ा अपराध बताया है।
रूसी सेना ने खारकीव इलाके में एक यात्री ट्रेन को अपना निशाना बनाया जिसमें 200 से अधिक यात्री सवार थे। इस भीषण हमले में ट्रेन के एक विशेष डिब्बे को भारी नुकसान पहुंचा जिसमें कुल 18 लोग यात्रा कर रहे थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले का वीडियो साझा करते हुए इसे रूस का एक आतंकवादी कृत्य कहा है।
Today, Russia struck a passenger train in the Kharkiv region with attack drones. In any country, a drone strike on a civilian train would be regarded in the same way – purely as an act of terrorism. There would be no doubt about the classification, neither in Europe, nor in… pic.twitter.com/J7UqQV70QG — Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) January 27, 2026
यूक्रेन के विभिन्न शहरों पर हुए इन ताबड़तोड़ हमलों में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है। ओडेसा शहर में भी 50 से अधिक ड्रोनों द्वारा हमला किया गया जहां 3 लोगों की जान गई और 30 से अधिक घायल हुए। घायलों में एक 39 हफ्ते की गर्भवती महिला और दो छोटी बच्चियां भी शामिल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रूसी सेना ने इस बार 165 अटैक ड्रोन लॉन्च किए थे जिनसे यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी यूक्रेन में स्थित एक गैस फैसिलिटी में भीषण आग लग गई जिससे लाखों लोग बिजली और हीटिंग से वंचित हो गए। ओडेसा के आवासीय भवनों के साथ-साथ एक चर्च और स्कूल को भी इन हमलों में काफी क्षति पहुंचाई गई है।
पूर्वी डोनेट्स्क के स्लोवियांस्क में एक पति-पत्नी की मौत हो गई जबकि उनका 20 साल का बेटा चमत्कारिक रूप से बच गया। जापोरिज्जिया में हुए ड्रोन हमले में एक 58 साल के व्यक्ति की जान चली गई और खेरसान में 72 साल की महिला मारी गई। युद्ध के बीच रूस ने दावा किया है कि उसने दो और गांवों पर कब्जा कर लिया है और उसकी सेना आगे बढ़ रही है।
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यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की कोशिशें चल रही थीं। जेलेंस्की का मानना है कि रूस के ये हमले चल रही कूटनीति को कमजोर करने और डर फैलाने के इरादे से किए गए हैं। उन्होंने सहयोगी देशों से अपील की है कि वे मॉस्को पर दबाव बढ़ाएं ताकि भविष्य में इस तरह के हमलों को रोका जा सके।