

Russia 18 ballistic missiles 293 drones attack: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने साल 2026 की शुरुआत में ही एक बेहद हिंसक मोड़ ले लिया है। रूसी सेना ने बीती रात यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाते हुए 18 बैलिस्टिक मिसाइलों और 293 ड्रोन से अब तक का सबसे भीषण हमला किया। इस हमले में राजधानी कीव और खार्किव सहित कई इलाकों में भारी तबाही हुई है, जिसमें चार लोगों की जान चली गई। यूक्रेन की ऊर्जा प्रणालियों और रिहायशी इमारतों को लक्षित कर किए गए इस हमले ने कड़ाके की ठंड में लाखों लोगों के सामने बिजली और सुरक्षा का गंभीर संकट पैदा कर दिया है।
रूसी सेना ने इस हमले में 'इस्कंदर-एम' बैलिस्टिक मिसाइलों और 'शाहेद' ड्रोन्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। राजधानी कीव के सैन्य प्रशासन ने बताया कि शहर पर महज एक घंटे के भीतर दर्जनों मिसाइलें दागी गईं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यूक्रेनी वायुसेना ने हालांकि अपनी तत्परता दिखाते हुए 240 ड्रोन और 7 मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन कई मिसाइलें अपने लक्ष्यों को भेदने में सफल रहीं।
खार्किव के गवर्नर ओलेह सिनीहूबोव के अनुसार, शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक डाक टर्मिनल पर हुए हमले में चार कर्मचारियों की मौत हो गई। इस हमले में छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और टर्मिनल की इमारत पूरी तरह नष्ट हो गई है। बचाव दल ने मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रात भर ऑपरेशन चलाया और करीब 30 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
निजी ऊर्जा कंपनी डीटीईके ने पुष्टि की है कि रूसी हमलों में उनके एक थर्मल पावर प्लांट को गंभीर नुकसान पहुंचा है। कीव और उसके आसपास के इलाकों में बिजली के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद आपातकालीन बिजली कटौती (Emergency Power Cuts) लागू कर दी गई है। भीषण ठंड और माइनस तापमान के बीच बिजली गुल होने से लाखों परिवार बिना हीटिंग के रहने को मजबूर हो गए हैं।
दक्षिणी बंदरगाह शहर ओडेसा में भी रूसी हमलों के कारण पांच लोग घायल हुए हैं और कई शैक्षणिक संस्थानों में आग लग गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, एक फिटनेस सेंटर और एक व्यावसायिक स्कूल रूसी ड्रोन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए। यहां भी ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया, जिससे शहर के कई हिस्सों में पानी और बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी उप राजदूत टैमी ब्रूस ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए रूस पर युद्ध को खतरनाक तरीके से लंबा खींचने का आरोप लगाया। अमेरिका का कहना है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति ट्रंप का प्रशासन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा ढांचे पर रूस के बढ़ते हमले केवल मानवीय संकट को बढ़ावा दे रहे हैं।