‘समंदर में डकैती कर रहा अमेरिका’, रूसी तेल टैंकर जब्त होने पर भड़के पुतिन, बने युद्ध जैसे हालात
Russia US Tension: अटलांटिक महासागर में अमेरिकी सेना द्वारा रूसी तेल टैंकर 'मरीनेरा' की जब्ती के बाद रूस और अमेरिका में भारी तनाव है। रूस ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
रूस-अमेरिका में बढ़ा तनाव, (डिजाइन फोटो)
Russian Oil Tanker Seized News In Hindi: उत्तरी अटलांटिक महासागर में एक बार फिर महाशक्तियों के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। वेनेजुएला से रूसी तेल लेकर आ रहे तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ (Marinera Atlantic) पर अमेरिकी नौसेना द्वारा कब्जा किए जाने के बाद रूस और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मॉस्को ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे स्पष्ट रूप से समुद्री डकैती बताया है।
रूस का सख्त रुख
रूसी विदेश मंत्रालय ने सरकारी समाचार एजेंसी TASS के माध्यम से कहा है कि वह इस घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। रूस ने अमेरिका से मांग की है कि टैंकर पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
मंत्रालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनके नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में कोई भी बाधा नहीं आनी चाहिए। रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे अमेरिकी बलों के जहाज पर चढ़ने के बाद से उनका ‘मरीनेरा’ से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।
सम्बंधित ख़बरें
होर्मुज में फिर लौटेगी रौनक! अमेरिका-ईरान के बीच समझौते का खाका तैयार, 30 दिन में खुल सकता है रास्ता
सिगरेट का ‘ग्लोबल हब’ बना चीन, दुनिया भर में घटी खपत; मगर चीनियों ने फूंक दी 39% ज्यादा सिगरेट
क्या थमेगा अमेरिका-ईरान तनाव? ट्रंप की बड़ी बैठक पर दुनिया की नजर, मिडिल ईस्ट में बढ़ी बेचैनी
Ebola Outbreak: कांगो-युगांडा में इबोला का तांडव, 220 से ज्यादा मौतें; WHO ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी
अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन
रूस ने अमेरिका पर 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) को दरकिनार करने का आरोप लगाया है, जिसके तहत किसी भी देश को दूसरे देश के पंजीकृत जहाज के खिलाफ बल प्रयोग का अधिकार नहीं है। रूसी संसद के वरिष्ठ नेता एंड्री क्लिशास ने इस ऑपरेशन को ‘खुली लूट’ बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने बनाए तथाकथित नियमों के जरिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है।
ब्रिटेन की भूमिका
यह कार्रवाई तब हुई जब आइसलैंड के पास समुद्र में रूसी नौसेना की एक पनडुब्बी और कई युद्धपोत तैनात थे फिर भी अमेरिकी सेना टैंकर को जब्त करने में सफल रही। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस मिशन में ब्रिटेन ने ‘लॉन्चपैड’ की भूमिका निभाई।
रूसी टैंकर को पकड़ने के लिए ब्रिटिश हवाई अड्डों का उपयोग किया गया और रॉयल एयर फोर्स (RAF) के विमानों ने लगातार जहाज की गतिविधियों पर नजर रखी। बताया गया है कि यह टैंकर पहले ही अमेरिकी नाकाबंदी को चकमा दे चुका था और इसने अपनी पहचान छिपाने के लिए बीच समुद्र में अपना झंडा और पंजीकरण तक बदल लिया था।
यह भी पढ़ें:- अटलांटिक में महायुद्ध की आहट! अमेरिकी सेना ने रूसी तेल टैंकर को घेरा, पुतिन ने भेजी पनडुब्बी
अमेरिका की रणनीति और भविष्य के कदम
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला पर प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करना जारी रखेगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वेनेजुएला के तेल को लेकर एक बड़े सौदे पर काम चल रहा है और जरूरत पड़ने पर जहाज के क्रू को अमेरिका लाया जा सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने फिलहाल वेनेजुएला में सैनिकों की तैनाती नहीं की है लेकिन उन्होंने सैन्य शक्ति के इस्तेमाल का अधिकार सुरक्षित रखा है।
