अमेरिका से सीधे जंग की तैयारी! रूस ने वेनेजुएला के पास तैनात की पनडुब्बी-युद्धपोत, मचा हड़कंप
Russia US Tension: उत्तरी अटलांटिक में रूस ने टैंकर ‘मैरिनेरा’ की सुरक्षा के लिए पनडुब्बी और नौसैनिक जहाज तैनात किए। अमेरिका इसे जब्त करने की कोशिश कर रहा है, तनाव बढ़ गया है।
- Written By: अक्षय साहू
रूस ने वेनेजुएला के पास पनडुब्बी-युद्धपोत तैनात ने किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Russia Sent Submarine Escort Bella 1: उत्तरी अटलांटिक में रूस और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है, जब रूस ने एक विवादित ऑयल टैंकर की सुरक्षा के लिए पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक जहाज तैनात किए हैं। यह टैंकर, जिसे पहले ‘बेला 1’ कहा जाता था, अब रूस के झंडे के तहत ‘मैरिनेरा’ नाम से ऑपरेट हो रहा है। अमेरिका इसे जब्त करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन रूस इसे रोकने के लिए सक्रिय हो गया है।
पिछले साल दिसंबर में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए ‘शैडो फ्लीट’ पर प्रतिबंध लगाया था। यह फ्लीट पुराने और अस्पष्ट मालिकाना हक वाले टैंकरों से बनी है, जो ईरान, रूस और वेनेजुएला से प्रतिबंधित तेल गुप्त रूप से ले जाते हैं। ये जहाज अक्सर AIS (ट्रैकिंग सिस्टम) बंद कर देते हैं या नकली लोकेशन दिखाते हैं। शैडो फ्लीट में सैकड़ों जहाज शामिल हैं, जो रूस की अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करते हैं।
टैंकर बेला 1 को लेकर क्या है विवाद?
टैंकर बेला 1 वेनेजुएला से कच्चा तेल ले जा रहा था। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे रोकने की कोशिश की, लेकिन क्रू ने बोर्डिंग को विफल कर दिया और जहाज उत्तर की ओर भाग गया। पीछा करने के दौरान जहाज ने अपना नाम बदलकर मैरिनेरा कर लिया और रूस में पंजीकृत हो गया। इस पर रूस ने तुरंत आपत्ति जताई और अमेरिकी कार्रवाई को रोकने की मांग की। जब अमेरिका पीछे नहीं हटा, तो रूस ने इसे एस्कॉर्ट देने के लिए पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक जहाज भेज दिए।
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रूस की नॉर्दर्न फ्लीट से ये जहाज हो सकते हैं, लेकिन उनकी सटीक पहचान, क्लास, लंबाई या हथियारों की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। यह कदम रूस-अमेरिका संबंधों में एक असामान्य और तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, टैंकर वर्तमान में आइसलैंड से लगभग 300 मील दक्षिण में है और मुरमांस्क पोर्ट की ओर बढ़ रहा है।
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रूसी जहाज पर कार्रवाई मुश्किल
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय पानी में रूसी झंडे वाले जहाज पर अमेरिकी कार्रवाई मुश्किल है। अगर अमेरिका बोर्डिंग करता है, तो यह गंभीर टकराव का कारण बन सकता है। शैडो फ्लीट अब रूसी झंडा अपनाकर प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रही है, और इस घटना से स्पष्ट हो रहा है कि वैश्विक प्रतिबंधों की जंग अब समुद्र में खुलकर लड़ी जा रही है। फिलहाल, दोनों देश सतर्क हैं, लेकिन कोई सीधी झड़प नहीं हुई है।
