‘यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन’, नतांज परमाणु केंद्र पर हमले से भड़का रूस; इन देशों को दी चेतावनी
Natanz Nuclear Attack: रूस ने ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा करार दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Russia Condemns Natanz Nuclear Attack: ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के चौथे सप्ताह में तनाव और गहरा गया है। रूस ने ईरान के प्रमुख यूरेनियम संवर्धन स्थल नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को न केवल आक्रामकता बताया है, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का अपमान भी करार दिया है।
मारिया जखारोवा का कड़ा बयान
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने शनिवार को हुए इस हमले की निंदा करते हुए इसे ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि परमाणु स्थलों को निशाना बनाना वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। रूस का यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक मजबूत संदेश देता है कि परमाणु सुविधाओं पर हमले किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं।
रेडिएशन का खतरा और IAEA की रिपोर्ट
ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने स्पष्ट किया है कि हमले के बावजूद नतांज़ संयंत्र से कोई भी रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ है और आसपास के निवासियों को कोई खतरा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी इस हमले की पुष्टि की है और कहा है कि इसकी जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, एजेंसी ने यह भी बताया कि अब तक कोई रेडियोलॉजिकल प्रभाव नहीं देखा गया है।
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रूस-ईरान संबंध
रूस लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ‘शांतिपूर्ण’ बताता आया है और वह JCPOA जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का प्रबल समर्थक रहा है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम में रूस तकनीकी सहयोग भी प्रदान करता रहा है और वहां की कुछ साइटों पर रूसी तकनीक का इस्तेमाल भी होता है। इस हमले की निंदा रूस की ईरान के प्रति उसकी कूटनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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क्षेत्रीय महायुद्ध की चेतावनी
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नतांज जैसे संवेदनशील स्थलों पर हमले क्षेत्रीय युद्ध को और अधिक विस्तार दे सकते हैं। इसमें मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाइयों का एक अंतहीन सिलसिला शुरू होने का डर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रूस ने सभी पक्षों से ‘अधिकतम संयम’ बरतने की अपील की है ताकि मध्य-पूर्व में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर न हो जाए।
