‘यूरेनियम’ पर अड़ा पेंच, अब रूस बनेगा समाधान! पुतिन के इस ‘मास्टरप्लान’ से क्या टल जाएगा महायुद्ध?
Russia Accept Iran Uranium: रूस ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए बड़ा प्रस्ताव दिया है। क्रेमलिन ने कहा है कि वह परमाणु डर खत्म करने के लिए ईरान का इनरिच्ड यूरेनियम स्वीकार करने को तैयार है।
- Written By: अमन उपाध्याय
व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Russia Accept Iran Uranium Putin Peace Plan: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और अमेरिका-ईरान के बीच गहराते तनाव को कम करने के लिए रूस ने एक बार फिर कूटनीतिक मोर्चा संभाला है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद अब क्रेमलिन ने ईरान के इनरिच्ड यूरेनियम (Enriched Uranium) को लेकर एक बड़ा ऑफर दिया है।
रूस का मानना है कि इस कदम से परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिका और इजरायल के मन में बैठा डर खत्म हो सकता है और युद्धविराम की राह आसान हो सकती है।
परमाणु डर को खत्म करने का रूस का प्रस्ताव
इस्लामाबाद वार्ता के असफल होने का मुख्य कारण ईरान का संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) भंडार बताया जा रहा है। अमेरिका और इजरायल को संदेह है कि तेहरान इस यूरेनियम का उपयोग परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकता है।
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इसी गतिरोध को तोड़ने के लिए क्रेमलिन ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका के साथ संभावित शांति समझौते के तहत ईरान के इनरिच्ड यूरेनियम को स्वीकार करने के लिए तैयार है। उल्लेखनीय है कि रूस पहले भी ऐसा प्रस्ताव दे चुका है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे स्वीकार नहीं किया था।
पुतिन की सक्रिय कूटनीति
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय हैं। पेसकोव के अनुसार, पुतिन ने अमेरिकी नेतृत्व और क्षेत्र के अन्य नेताओं के साथ हुई बातचीत में इस प्रस्ताव को रखा था।
उन्होंने कहा कि रूस का यह प्रस्ताव अभी भी मेज पर है लेकिन फिलहाल इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। रूस का यह दांव ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अविश्वास का आरोप लगाया है।
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होर्मुज नाकेबंदी पर रूस की नाराजगी
रूस ने न केवल शांति का प्रस्ताव दिया है, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका द्वारा दी गई धमकियों की कड़ी आलोचना भी की है। क्रेमलिन ने राष्ट्रपति ट्रंप की नाकेबंदी वाली नीति को खतरनाक बताया है। रूस का कहना है कि ऐसी धमकियां न केवल वैश्विक व्यापार को भारी नुकसान पहुँचाएंगी, बल्कि पश्चिम एशिया के पहले से ही अस्थिर संघर्ष को और अधिक हवा देंगी।
