ट्रंप से कोई सौदा नहीं करने वाला रूस, भारत के बाद अमेरिका के इस दुश्मन से पुतिन ने की बात

North Korea: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप से बैठक से पहले भारत, चीन, ब्राजील और उत्तर कोरिया के नेताओं से बात की, जिससे अमेरिका के साथ समझौते की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ट्रंप से कोई सौदा नहीं करने वाला रूस, भारत के बाद अमेरिका के इस दुश्मन से पुतिन ने की बात
किम जोंग उन,व्लादिमीर पुतिन (फोटो- सोशल मीडिया)
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Trump Putin Meeting: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक अहम बैठक करने वाले हैं। इस बैठक का मकसद यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना है। हालांकि पुतिन लगातार ऐसे काम कर रहे हैं। जिससे देखते हुए कहा जा सकता है कि वो अमेरिका के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहते।

पुतिन ने ट्रंप के साथ मीटिंग तय होने के अगले ही दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। इसके बाद उसी दिन उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी बात की और उन्हें यूक्रेन युद्ध को लेकर ताजा जानकारी दी। इतना ही नहीं पुतिन ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा को भी फोन किया, और अब उन्होंने उत्तर कोरिया के तानाशाह राष्ट्रपति किम जोंग उन को फोन किया है। ये सभी वो देश हैं जिनका अमेरिका के साथ हाल के दिनों टैरिफ को लेकर तनाव चल रहा है।

उत्तर कोरियाई सैनिकों की तारीफ

उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी' (KCNA) के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को हुई बातचीत के दौरान उत्तर कोरियाई सैनिकों द्वारा दिखाई गई "बहादुरी, वीरता और आत्म-बलिदान" की भावना की सराहना की। ये सैनिक रूस के कुर्स्क सीमा क्षेत्र में यूक्रेनी घुसपैठ को रोकने के लिए रूसी सेना के साथ मिलकर लड़ाई में शामिल हुए थे। क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने शुक्रवार को अलास्का में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली अपनी संभावित वार्ता के बारे में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन को जानकारी दी। हालांकि, उत्तर कोरियाई मीडिया ने ट्रंप और पुतिन की बैठक का कोई उल्लेख नहीं किया।

भविष्य में रूस का साथ देगा उत्तर कोरिया

जानकारी के अनुसार, किम जोंग-उन ने पुतिन को भरोसा दिलाया कि प्योंगयांग भविष्य में भी रूस के नेतृत्व द्वारा उठाए जाने वाले सभी कदमों का पूर्ण समर्थन करेगा। दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष हुए शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षरित रणनीतिक साझेदारी समझौते के तहत सभी क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और गहरा करने पर भी चर्चा की।

उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस का समर्थन करते हुए अब तक लगभग 15,000 सैनिक युद्ध क्षेत्र में भेजे हैं। इसके साथ ही किम जोंग उन ने रूस को तोपों और बैलिस्टिक मिसाइलों सहित बड़ी संख्या में सैन्य उपकरण भी मुहैया कराए हैं।

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