परमाणु तबाही की उलटी गिनती! रूस की ओरेशनिक मिसाइलें एक्टिव, क्या यूक्रेन पर गिरने वाला है महाविनाश?
Oreshnik Missile: पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले के बाद मास्को ने परमाणु सक्षम 'ओरेशनिक' मिसाइलों को सक्रिय कर दिया है। बेलारूस में हुई इस तैनाती से यूक्रेन पर भीषण जवाबी हमले का खतरा बढ़ गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
रूस-यूक्रेन संकट, सांकेतिक फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Russia Ukraine War News In Hindi: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास पर हाल ही में हुए ड्रोन हमले ने रूस को एक कड़ा सैन्य कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को पुष्टि की है कि उसकी परमाणु-सक्षम ‘ओरेशनिक’ (Oreshnik) मिसाइल प्रणाली अब सक्रिय सेवा में शामिल हो गई है। रूस का यह कदम यूक्रेन पर एक महाविनाशक पलटवार की ओर इशारा कर रहा है।
रूसी सैन्य अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इन मिसाइलों को पड़ोसी सहयोगी देश बेलारूस में तैनात कर दिया है। इसके अलावा पुतिन ने इस हमले की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी दी है जिस पर ट्रंप ने यूक्रेन की हरकत पर नाराजगी जताते हुए इसे शांति प्रक्रिया में बाधा डालने वाला कदम बताया। पुतिन ने यूक्रेन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पश्चिमी देश और कीव शांति वार्ताओं में क्रेमलिन की शर्तों को नहीं मानते हैं तो मॉस्को अपनी सैन्य बढ़त को और अधिक आक्रामक बनाएगा।
ओरेशनिक मिसाइल की क्या है ताकत?
रूस की इस नई मिसाइल को अत्यधिक घातक माना जा रहा है। पुतिन के अनुसार, ‘ओरेशनिक’ के वॉरहेड्स लक्ष्य की ओर मैक 10 (ध्वनि की गति से 10 गुना तेज) की रफ्तार से गिरते हैं जिससे इन्हें रोकना किसी भी रक्षा प्रणाली के लिए लगभग असंभव है।
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इस इंटरमीडिएट-रेंज मिसाइल की मारक क्षमता 500 से 5,500 किलोमीटर तक है, जिसका अर्थ है कि यह पूरे यूरोप को अपने निशाने पर ले सकती है। रूस ने इससे पहले नवंबर 2024 में प्रयोगात्मक तौर पर डनीप्रो की एक फैक्ट्री पर इसे दागकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया था।
शांति वार्ता और युद्ध की स्थिति
यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति समझौते के लिए प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में ट्रंप ने जेलेंस्की के साथ फ्लोरिडा में बैठक की और दावा किया कि दोनों पक्ष समझौते के करीब हैं। हालांकि, जमीन पर स्थिति अलग है। पुतिन वर्तमान में रूसी सीमा के साथ एक ‘मिलिट्री बफर जोन’ बनाने पर जोर दे रहे हैं और रूसी सैनिक डोनेट्स्क तथा जापोरिज्जिया क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं।
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पश्चिमी देशों को भी पुतिन का संदेश
इसके साथ ही पुतिन ने पश्चिमी देशों को भी आगाह किया है कि यदि कीव को उनकी लंबी दूरी की मिसाइलों से रूस के अंदर हमले की अनुमति दी गई तो रूस इन मिसाइलों का इस्तेमाल नाटो सहयोगियों के खिलाफ भी कर सकता है।
