

Senator Hanson Burqa Ban Protest: ऑस्ट्रेलिया में पिछले महीने संसद में दक्षिणपंथी सीनेटर पॉलिन हैनसन ने बुर्का पहनकर प्रदर्शन किया था। इसकी ऑस्ट्रेलिया समेत पूरी दुनिया में चर्चा हुई थी। इस एक घटना ने हैनसन की लोकप्रियता में रिकाॅर्ड बढ़ोतरी हुई है। सिर्फ एक हफ्ते में उनकी वन नेशन पार्टी के समर्थकों की संख्या इतनी बढ़ गई, जितनी पिछले 25 सालों में कभी नहीं हुई थी।
घटना 24 नवंबर को हुई। जब ऑस्ट्रेलिया की संसद के ऊपरी सदन, यानी सीनेट में उस समय हड़कंप मच गया जब पॉलिन हैनसन बुर्का पहनकर पहुंच गईं। वह लंबे समय से बुर्का और चेहरे को पूरी तरह ढँकने वाले नकाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही हैं। जब उन्हें संसद में इस पर बिल पेश करने की इजाजत नहीं मिली, तो विरोध जताने के लिए उन्होंने खुद बुर्का पहनकर प्रवेश किया। इस हरकत को नियमों का उल्लंघन माना गया और उन्हें एक हफ्ते के लिए सीनेट से निलंबित कर दिया गया।
लेकिन यह विरोध उनके लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद साबित हुआ। रॉय मॉर्गन नाम की सर्वे एजेंसी ने हाल ही में 5,248 लोगों से बात की और पूछा कि वे किस पार्टी को पसंद करते हैं। नतीजों में पता चला कि वन नेशन पार्टी को 14 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला, जो इसके इतिहास में सबसे बड़ा समर्थन माना जा रहा है। पॉलिन हैनसन 1990 के दशक से ही कड़े एंटी-इमिग्रेशन विचारों के लिए जानी जाती हैं। 2017 में भी उन्होंने इसी मुद्दे पर बुर्का पहनकर प्रदर्शन किया था।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी लोकप्रियता बढ़ने की वजह सिर्फ बुर्का के खिलाफ विरोध ही नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में इस समय आर्थिक हालत कमजोर है। महंगाई बहुत बढ़ गई है, घर किराए पर लेना या खरीदना बेहद महंगा हो गया है। खाने-पीने और रोजमर्रा का खर्च भी लोगों को परेशान कर रहा है।
इसके अलावा, विदेशों से आने वाले प्रवासियों की बढ़ती संख्या को लेकर भी लोग चिंतित हैं। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने चेतावनी दी है कि सरकारी खर्च बढ़ने से ब्याज दरें और बढ़ सकती हैं, जिससे जनता की दिक्कतें और बढ़ेंगी। ऐसे माहौल में वन नेशन पार्टी उन मुद्दों को जोर से उठा रही है, जो आम लोगों की निराशा और गुस्से से जुड़े हैं।