PoK में हालात बेकाबू! सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कई लोगों की मौत, सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी
PoK Rawalakot Protest: पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पूरे क्षेत्र में इंटरनेट बंद है और लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
- Written By: अर्पित शुक्ला
फाोइल फोटो (Image- Social Media)
Pakistan Firing on Kashmiris: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रावलकोट क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई कथित फायरिंग को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी ने सोमवार को इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे “नरसंहार” बताया।
यूकेपीएनपी के मुताबिक, रविवार रात हुई इस घटना में करीब 7 प्रदर्शनकारियों की जान चली गई और 60 से अधिक लोग घायल हुए। संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों पर बल का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पार्टी ने बयान में कहा, “शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है। पाकिस्तान को निहत्थे कश्मीरियों के खिलाफ अत्याचार और दमन का यह क्रम तुरंत बंद करना चाहिए।”
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग
संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप कर कश्मीरी लोगों के जीवन और उनके मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से पीओके की जमीनी स्थिति को दुनिया के सामने लाने की अपील की है।
सम्बंधित ख़बरें
ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराएगा पाकिस्तान? सेना प्रमुख का खास संदेश लेकर तेहरान पहुंचे मोहसिन नकवी
‘यह इलाका हमारा…’ गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान की चुनावी चाल पर भड़का भारत; MEA ने दी कड़ी चेतावनी
तुर्की का पाकिस्तान पर ‘यू-टर्न’! भारत से दोस्ती के लिए क्यों मजबूर हुए एर्दोगन? जानें अंकारा की नई रणनीति
पड़ोसी देशों में सस्ता हुआ पेट्रोल: चीन,पाकिस्तान और नेपाल में घटे दाम; भारत में कब मिलेगी राहत?
रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट इस समय पीओके में फैल रहे विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र बन गया है। यह विरोध तब तेज हुआ जब प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
पूरे पीओके में इंटरनेट सेवाएं बंद
बताया गया है कि प्रशासन ने जेएंडकेजेएएसी को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया है और 9 जून को प्रस्तावित “लॉन्ग मार्च” से पहले कई सुरक्षा इंतजाम लागू किए हैं। आंदोलन से जुड़े नेताओं का आरोप है कि 5 जून की रात से पूरे पीओके में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं, जिससे संचार व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
स्थानीय कार्यकर्ताओं के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि आंदोलन के दौरान जेएंडकेजेएएसी के सदस्य शाहजेब हबीब और अमजद कश्मीरी की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों के खिलाफ आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया।
पूरे सूबे में हो रहा प्रदर्शन
रिपोर्टों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन अब केवल रावलाकोट तक सीमित नहीं है। मुज़फ़्फ़राबाद, मीरपुर, टाटा पानी और प्लांदरी समेत कई क्षेत्रों में प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया गया है। प्लांदरी में प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध किए जाने की भी खबर है। पीओके में बिगड़ते हालात को लेकर विदेशों में रहने वाले कश्मीरी समुदाय ने भी चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम में एकजुटता प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर क्षेत्र में मानवाधिकारों की स्थिति का मुद्दा उठाया गया है।
यह भी पढ़ें- इजरायली मिसाइलों ने उड़ाया ईरान का पेट्रोकेमिकल प्लांट; हमले के बाद नेतन्याहू ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
रिपोर्ट में कहा गया है कि 9 जून के प्रस्तावित लॉन्ग मार्च और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए आने वाले दिन काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। रावलाकोट में जारी तनाव और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के कारण पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्थिति क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक ध्यान आकर्षित कर सकती है।
