अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक होना मुख्य मुद्दा नहीं, जन्माष्टमी पर बांग्लादेशी PM तारिक रहमान का बड़ा संदेश

Tarique Rahman Janmashtami: पीएम तारिक रहमान ने हिंदू समुदाय के लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह देश सबका है और सभी नागरिकों को समान अधिकार और सुरक्षा प्राप्त है।
Tarique Rahman Janmashtami Speech
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान (सोर्स- ANI)
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Tarique Rahman Janmashtami Speech: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश के हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए समान अधिकार, सुरक्षा और धार्मिक सद्भाव पर जोर दिया। ढाका में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि हर नागरिक का साझा देश है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक जैसी पहचान से ऊपर उठकर सभी नागरिकों को समान संवैधानिक अधिकार और सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने लोगों से आपसी सम्मान, सहिष्णुता, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की।

देश सबका, अधिकार भी बराबर

तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश आपका, मेरा और हम सभी का साझा देश है। इसलिए एक नागरिक के तौर पर सभी लोगों के अधिकार समान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र की पहचान यही है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने धार्मिक विश्वास, परंपराओं और संस्कृति के अनुसार सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक पार्टी BNP का मानना है कि धर्म व्यक्ति का निजी विषय है, लेकिन सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक से ऊपर उठने की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक और तेजी से बदलती दुनिया में बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक जैसी पहचान को समाज का सबसे बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने विदेश यात्राओं का उदाहरण देते हुए कहा कि दूसरे देशों में जाने पर अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग अक्सर एक ही व्यापक पहचान के तहत देखे जाते हैं।

उन्होंने कहा कि वैश्विक दौर में लोगों को संकीर्ण पहचान से ऊपर उठकर खुद को गर्व के साथ बांग्लादेशी नागरिक के रूप में देखना चाहिए। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय एकता और समान नागरिकता की भावना समाज को मजबूत बनाती है।

धार्मिक विविधता देश की ताकत

तारिक रहमान ने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत वहां मौजूद धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में होती है। अलग-अलग धर्मों और विचारों के लोगों का एक-दूसरे के प्रति सम्मान समाज को समृद्ध बनाता है।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अलग-अलग आस्थाओं और पृष्ठभूमि के लोग लंबे समय से साथ रहते आए हैं। इस परंपरा को बनाए रखना और सामाजिक सद्भाव की रक्षा करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।

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असामाजिक ताकतों से सतर्क रहने की अपील

प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने देशवासियों से उन असामाजिक और अराजक तत्वों से सतर्क रहने की अपील की, जो समाज की शांति और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में एकता, सद्भाव और सुरक्षा का माहौल बनाए रखना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है।

जन्माष्टमी के इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न मंदिरों से जुड़े पुजारियों और सेवादारों को उनकी सेवाओं के लिए मानदेय भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के जरिए धार्मिक सद्भाव और समान नागरिक अधिकारों का संदेश देने की कोशिश की गई।

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