मोदी, शाह, जयशंकर पिंजरे में बंद…कनाडा के नए पीएम कार्नी के शपथ से पहले खालिस्तानियों ने दिखाया रंग, हिंदुओं के खिलाफ उगला जहर
कनाडा में खालिस्तान समर्थकों ने रविवार को रैली निकाली। रैली में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर का एक विवादास्पद पुतला रखा गया था। तीनों नेताओं को कैदियों के कपड़े पहनाया गए थे।
- Written By: अक्षय साहू
खालिस्तानी रैली में विवादास्पद पुतला (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
ओटावा: कनाडा में भारत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में कनाडा में सत्ता परिवर्तन हुआ और जस्टिन ट्रूडो की जगह मार्क कार्नी नए प्रधानमंत्री बने। इस बीच चुनाव के तुरंत बाद एक बार फिर खालिस्तान समर्थकों ने हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला। कनाडा के टोरंटो के माल्टन गुरुद्वारे में एक विरोध परेड आयोजित की गई, जिसमें खालिस्तान समर्थकों ने हिंदू समुदाय के लोगों को भारत भेजने की मांग की।
खालिस्तान समर्थकों की ओर से निकाले गए परेड में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर का एक विवादास्पद पुतला भी निकाला गया। इसमें तीनों नेताओं के पुतले को कैदियों की तरह कपड़े पहनाए गए थे और उन्हें पिंजरे में बंद दिखाया गया था जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कनाडा के लोग खुश नहीं
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कनाडा में लगातार खालिस्तान समर्थकों के दखल से वहां रहने वाले लोग खुश नहीं है। कनाडा के वरिष्ठ पत्रकार डैनियल बोर्डमैन ने रविवार को अपने एक्स अकाउंट पर रैली की वीडियो शेयर करते हुए कहा कि ‘जिहादी हमारे सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं, यहूदी समुदाय को धमका रहे हैं और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन खालिस्तानी समाज के लिए सबसे खतरनाक खतरा बन गए हैं। क्या कार्नी का कनाडा ट्रूडो से अलग होगा?
The Jihadis rampaging through our streets have done significant damage to the social fabric running around threatening any Jews they can find.
But the Khalistanis are giving them a good run for their money on most hateful foreign funded menace to society.
Will Mark Carney’s… https://t.co/c5ZuyTI6iz — Daniel Bordman (@DanielBordmanOG) May 4, 2025
हिंदुओं को बाहर निकलने की मांग
बोर्डमैन ने आगे कहा, ‘माल्टन गुरुद्वारे (टोरंटो) में के-गैंग ने बेशर्मी से 800,000 हिंदुओं को ‘हिंदुस्तान’ भेजने की मांग की, जिनकी जीवंत समुदाय त्रिनिदाद, गुयाना, सूरीनाम, जमैका, दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड्स, मलेशिया, श्रीलंका, सिंगापुर, केन्या और अन्य जगहों पर फैली हुई है। यह भारत सरकार के खिलाफ विरोध नहीं, बल्कि खालिस्तान आतंकवादी समूहों की ओर से हिंदू-विरोधी नफरत है। ये लोग 1985 के एयर इंडिया बम विस्फोट जैसे कनाडा के सबसे घातक हमले के लिए कुख्यात हैं, फिर भी खुलेआम नफरत फैलाते हैं।
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कार्नी के आने से उम्मीद
मार्क कार्नी हाल ही में कनाडा के नए प्रधानमंत्री बने हैं। भारत को उम्मीद है कि कार्नी खालिस्तान आतंकवादी पर लगाम लगाएंगे। हालांकि कार्नी भी पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी से ही आते हैं जिन्होंने आपने पीएम रहते भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके चलते भारत और कनाडा के रिश्तों में दरार आ गई है।
