अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pete Hegseth Religious Statement Controversy: ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के एक धार्मिक बयान ने विवाद का रूप ले लिया है। कुछ दिनों पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री ने धार्मिक नेताओं के साथ एक मीटिंग की, जिसमें उन्होंने ईरान युद्ध को धर्म की रक्षा के प्रयास से जोड़ा। हेगसेथ ने कहा, “दुष्ट लोगों के खिलाफ अगर हिंसा की जा रही है, तो उनके लिए दया दिखाने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने इसे यीशु (ईसा मसीह) के लिए लड़ा जाने वाला युद्ध बताया।
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, हेगसेथ अब तक कम से कम 10 मीटिंग कर चुके हैं, जिन्हें उन्होंने प्रार्थना सभा का नाम दिया। इनमें कुछ मीटिंग खुफिया तरीके से और कुछ सार्वजनिक रूप से आयोजित की गईं। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने धार्मिक नेताओं के हवाले से लिखा कि पीट हेगसेथ ईरान युद्ध को धार्मिक युद्ध बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। वे लगातार सभा आयोजित कर धर्मगुरुओं से मिल रहे और धार्मिक बयान दे रहे हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने बयान दिया कि ये प्रार्थना सेवाएं पूरी तरह विकल्पात्मक हैं और किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं करतीं। हालांकि, इस पर आलोचना भी तेज है। जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के बर्कले सेंटर फॉर रिलीजन, पीस एंड वर्ल्ड अफेयर्स के विजिटिंग स्कॉलर मैथ्यू टेलर ने इसे चिंताजनक बताया।
उन्होंने कहा, “पहली बार पेंटागन ने किसी युद्ध को धर्मयुद्ध में धकेलने की कोशिश की है। यह तरीका गलत है।” अमेरिकी पूर्व सैनिकों ने भी विरोध जताया, उनका कहना है कि पहली बार अमेरिकी सैनिकों को ईसाई सैनिक बनाने की कोशिश हो रही है। 2019 में एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैनिकों में केवल 70 प्रतिशत खुद को ईसाई मानते हैं और लगभग एक चौथाई सैनिकों को “अन्य/अवर्गीकृत/अज्ञात” के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका ईरान युद्ध में फंस गया है। शुरुआती चरण में इजरायल के कहने पर अमेरिका ने हमला किया था, लेकिन अब अमेरिका युद्ध से बाहर नहीं निकल पा रहा। राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में जंग शुरू करने के लिए हेगसेथ को जिम्मेदार ठहराया था। ऐसे में कहा जा रहा है कि हेगसेथ अपनी कुर्सी को सुरक्षित रखने के लिए इस तरह के धार्मिक बयान दे रहे हैं।