अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (सोर्श- सोशल मीडिया)
US Iran War Pentagon Funding: अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में फंडिंग की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस युद्ध को जारी रखने के लिए कांग्रेस से 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि की मांग की है, क्योंकि किसी भी नई फंडिंग को मंजूरी देने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है।
यह राशि बेहद बड़ी है, और इस पर कांग्रेस की तरफ से सवाल उठना लगभग तय माना जा रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुकाबिक, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पेंटागन ने व्हाइट हाउस को यह अनुरोध भेजा है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से जब गुरुवार को इस राशि के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे इसकी पुष्टि नहीं की और कहा कि यह रकम बदल भी सकती है। उन्होंने कहा कि “बुरे लोगों को मारने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है। हम कांग्रेस और वहां मौजूद अपने लोगों के पास वापस जा रहे हैं ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि हमें पर्याप्त फंडिंग मिल सके।” हेगसेथ ने ईरान युद्ध के हालात पर कहा कि यह अभियान समय से आगे चल रहा है और अमेरिका जीत रहा है। उन्होंने यह भी खारिज किया कि अमेरिका ईरान युद्ध में किसी दलदल में फंस गया है।
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि यह अनुरोध अभी व्हाइट हाउस के पास है और राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर अभी तक अपनी मंजूरी नहीं दी है। कांग्रेस के बजट कार्यालय के अनुसार, अगर इसे मंजूरी दी जाती है तो यह अतिरिक्त खर्च 2020 के कोविड राहत बिल के बाद अब तक का सबसे बड़ा बिल होगा।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस तरह के बड़े खर्च को राजनीतिक समर्थन मिलेगा या नहीं। यह राशि डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ लंबी लड़ाई की तैयारी का संकेत देती है। ट्रंप के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उन्होंने लगातार अपने पूर्ववर्ती नेताओं की आलोचना की है कि उन्होंने अमेरिका को इराक और अफगानिस्तान के अनंत युद्धों में फंसा दिया।
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फंडिंग की राह आसान नहीं है, भले ही ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट दोनों पर नियंत्रण रखती हो। कई रूढ़िवादी सांसद बड़े खर्च के पक्ष में नहीं हैं और सैन्य अभियानों पर सख्त रुख अपनाते हैं। इसके अलावा, अधिकांश डेमोक्रेट्स भी ट्रंप प्रशासन की ऐसी किसी मांग को ठुकराने की संभावना रखते हैं। ऐसे में ईरान युद्ध के लिए आवश्यक 200 अरब डॉलर की फंडिंग हासिल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।