कसाई बने शहबाज! कर्ज उतारने के लिए उठाया बड़ा कदम, चीन नहीं ये मुस्लिम देश कर रहा मदद

Shehbaz Sharif Malaysia Visit: पाकिस्तान आर्थिक संकट से जूझते हुए मांस निर्यात बढ़ाने की योजना बना रहा है। शहबाज शरीफ मलेशिया को 200 मिलियन डॉलर मूल्य का मीट निर्यात करने का समझौता करने पहुंचे हैं।
कसाई बने शहबाज! कर्ज उतारने के लिए उठाया बड़ा कदम, चीन नहीं ये मुस्लिम देश कर रहा मदद
शहबाज शरीफ (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan: पाकिस्तान कंगाली और कर्जे से जूझ रहा है। ऐसे में पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने कसाई बनने का फैसला किया है। जिसमें वो चीन और अरब देशों के साथ दुनिया को मीट बेचकर अपना कर्ज उतराने की तैयारी कर रहे हैं। इसी कड़ी में शहबाज मलेशिया दौरे पर हैं, जहां वो मलेशियाई सरकार के साथ बड़ा समझौता करने वाले हैं।

शहबाज शरीफ मलेशिया के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, इस दौरान उन्होंने मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम से मुलाकात की और उनकी तारीफों के पुल बांध दिए। यहां तक कि उन्होंने मलेशिया को अपना दूसरा घर तक बता दिया।

अरबों रुपए के मीट निर्यात करता है पाकिस्तान

शहबाज शरीफ ने कहा कि मलेशियाई पीएम ने पाकिस्तान से मीट निर्यात की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि हम मलेशिया को 200 मिलियन डॉलर यानी करीब 18 अरब कीमत के मीट बेचते है। शहबाज ने इसके लिए अनवर इब्राहिम का आभार जताया। उन्होंने बताया कि, मीट एक्सपोर्ट का यह कोटा बाजार मूल्यों पर विनियमित किया जाएगा शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान मलेशियाई कस्टम और फूड अथॉरिटीज द्वारा आवश्यक हलाल सर्टिफिकेशन के आधार पर मीट का निर्यात करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे मलेशिया की सभी शर्तों और नियमों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, जिससे न केवल 200 मिलियन डॉलर का कोटा हासिल होगा, बल्कि भविष्य में इसे बढ़ाने की संभावना भी रहेगी।

शहबाज का पहला मलेशिया दौरा

मलेशिया के दौरे शहबाज शरीफ अकेले नहीं है, उनके साथ पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार, केंद्रीय मंत्री अत्ताउल्लाह तरार और उनके विशेष सहायक तारिक फतेमी भी शामिल है। मलेशिया के पुतराज्य शहर में शहबाज शरीफ की अनवर इब्राहिम से द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद दोनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

शहबाज शरीफ ने बताया कि यह उनका मलेशिया का पहला दौरा है, लेकिन यहां आकर उन्हें हर चेहरा परिचित लग रहा था। उन्होंने कहा कि लोगों में गर्मजोशी और सौहार्द्र का भाव साफ नजर आ रहा था। उन्होंने कहा कि मलेशियाई जनता से मिलकर ऐसा महसूस हुआ जैसे वे सदियों से एक-दूसरे को जानते हैं, जो दोनों देशों के बीच सच्ची दोस्ती का प्रमाण है। शहबाज ने इस दौरे को परिवार के मिलन जैसा बताया।

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