Pakistan Storm: खैबर पख्तूनख्वा में बारिश और तूफान ने मचाई भारी तबाही, 7 की मौत, प्रशासन फेल
Fatal Pakistan Storm: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण कुल 7 लोगों की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हो गए हैं। पहले से चेतावनी होने के बावजूद प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा।
- Written By: प्रिया सिंह
खैबर पख्तूनख्वा में बारिश-तूफान से भारी तबाही (सोर्स-सोशल मीडिया)
Deadly Pakistan Storm Disaster: खैबर पख्तूनख्वा में बारिश और आंधी-तूफान का भयंकर कहर देखने को मिला है। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से अब तक कुल सात लोगों की मौत हो चुकी है। इस बड़ी और दर्दनाक घटना में आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। डेरा इस्माइल खान के पहाड़पुर शहर में गुरुवार को कई घरों की छतें और दीवारें अचानक गिर गईं।
डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार बचाव दल और स्थानीय लोगों ने मलबे से पीड़ितों को बाहर निकाला। सभी घायल लोगों को तुरंत उचित इलाज के लिए पास के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया है। मरने वालों में पहाड़पुर के दो युवक और जंदर गांव की दो महिलाएं मुख्य रूप से शामिल हैं। एक घायल की पहचान अहमद अली के रूप में हुई है जबकि अन्य की जानकारी नहीं है।
बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
तेज हवाओं की वजह से इलाके में कई पेड़ उखड़ गए और घरों के सोलर पैनल टूट गए। एक सबअर्बन इलाके में बाउंड्री वॉल गिरने से बाड़े में बंधे कई जानवरों की भी मौत हो गई। आंधी-तूफान की वजह से पहाड़पुर और आसपास के इलाकों में बिजली की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। खतरनाक हालात और भारी नुकसान के कारण मरम्मत का काम तुरंत शुरू नहीं हो सका है।
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बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत
ओरकजई ट्राइबल जिले में गुरुवार को अचानक बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और चार घायल हो गए। रेस्क्यू 1122 के अधिकारी के अनुसार निचले ओरकजई के सैम फिरोजखेल इलाके में यह दर्दनाक घटना घटी। इसके अलावा बाजौर ट्राइबल जिले की वार मामुंड तहसील में एक सरकारी स्कूल की दीवार भी गिर गई। इन सभी घटनाओं के कारण इस पूरे इलाके में भी बिजली की सप्लाई बाधित हुई है।
प्रशासन की भारी लापरवाही
एनडीएमए ने बारिश और आंधी-तूफान के नए दौर का काफी पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा को 12 से 17 अप्रैल के बीच कमजोर जोन की श्रेणी में रखा गया था। रिपोर्ट बताती है कि चेतावनी समय पर जारी की गई लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि सिर्फ जानकारी होने से आपदा से निपटने की तैयारी नहीं होती।
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तैयारियों का स्पष्ट अभाव
चित्राल और लाहौर जैसे घनी आबादी वाले कमजोर इलाकों की पहचान भी काफी पहले ही कर ली गई थी। रिपोर्ट के अनुसार मौसमी तूफानों से निपटने का अनुभव पाकिस्तान प्रशासन की व्यापक चुनौती को दर्शाता है। उपलब्ध जानकारी को प्रभावी कार्रवाई में बदलने की क्षमता पाकिस्तान के प्रशासन में बिल्कुल नहीं दिखाई देती है। मौसम की चेतावनी बार-बार जारी होती है लेकिन जमीनी स्तर पर परिणामों में कोई बदलाव नहीं दिखता है।
