हमास लड़ाके, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Senator Hamas Training Claim: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच पाकिस्तान की ओर से एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा हलकों में हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान के वरिष्ठ सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि पाकिस्तान अपने विभिन्न सैन्य संस्थानों में हमास के लड़ाकों को पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।
सीनेटर मुशाहिद हुसैन ने एक मीडिया इंटरव्यू में बताया कि हाल ही में उनकी पाकिस्तान नेवी वॉर कॉलेज की यात्रा के दौरान वहां दो फिलिस्तीनी कैडेट मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि यह केवल एक संस्थान की बात नहीं है बल्कि पाकिस्तान के लगभग हर सैन्य संस्थान में फिलिस्तीनी अधिकारी और हमास के लड़ाके प्रशिक्षण ले रहे हैं। मुशाहिद हुसैन रक्षा और विदेश मामलों की संसदीय समितियों से जुड़े रहे हैं, इसलिए उनके इस बयान को बेहद आधिकारिक और गंभीर माना जा रहा है।
Breaking News:
15 April 2026 Pakistan ex Senator Mushahid Hussain admits that Pakistan accepted training the Hamas fighters in military academies. He said there are Palestinian cadets and Pakistan is training them. You go to any Pakistani military institutions you will find… pic.twitter.com/cHERdq6WER — Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) April 15, 2026
सीनेटर ने यह भी जानकारी दी कि पाकिस्तान ने न केवल लड़ाकों को प्रशिक्षण के लिए स्वीकार किया है बल्कि गाजा से आए शरणार्थियों और अनाथ बच्चों को पाकिस्तानी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप भी प्रदान की है। हालांकि, यह पहली बार है जब किसी बड़े पाकिस्तानी नेता ने खुल्लम खुल्ला हमास के साथ सैन्य संबंधों की बात स्वीकार की है जबकि पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर हमास को राजनयिक मान्यता नहीं देता है।
इस खुलासे के बाद डिफेंस एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान द्वारा हमास जैसे उग्रवादी समूह को ट्रेनिंग देना भारत-इजरायल दोनों की सुरक्षा के लिए नई और गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकता है। इजरायल, जिसने हमास को जड़ से मिटाने की कसम खाई है, इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दे सकता है।
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हैरानी की बात यह है कि मुशाहिद हुसैन के इस बड़े खुलासे के बाद अब तक पाकिस्तान सरकार, वहां की सेना या विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक खंडन (Denial) नहीं आया है। अधिकारियों की यह चुप्पी इस मामले की गंभीरता को और अधिक बढ़ा रही है।