

Pakistan Saudi Arabia Defence Deal: पाकिस्तान ने हाल ही में सऊदी अरब के साथ एक बड़ा रक्षा समझौता किया। जिसके तहत अगर किसी एक देश पर हमला होता है तो दूसरा उसकी मदद के लिए आएगा। इस समझौते के बाद के पाकिस्तानी नेताओं के पैर जमीन पर नहीं टिक रहे और वो इसे लेकर बड़बोले बयान दे रहा है। ताजा मामला पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से जुड़ा है।
ख्वाजा आसिफ ने सऊदी अरब के साथ हुई डील को लेकर कहा कि, भविष्य में अगर अन्य अरब देश इस डील में शामिल होना चाहते हैं तो उनके लिए दरवाजे खुले हैं। पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ हुई डील को भारत के खिलाफ अपनी बड़ी जीत की तरह देख रहे हैं। क्योंकि अब तक सऊदी भारत-पाक मुद्दे पर सीधे तौर पर शामिल होने से बचता आया है।
ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी मीडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में डिफेंस डील में अन्य अरब देशों की संभावित भागीदारी को लेकर कहा, “मैं इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि हमारे दरवाजे बंद नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम हमेशा से नाटो जैसी साझेदारी का समर्थन करते आए हैं, क्योंकि पाकिस्तान को सुरक्षा संबंधी खतरे अधिक झेलने पड़ते हैं।”
इसके साथ ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में कोई ऐसी शर्त नहीं है जो किसी अन्य देश को इसमें शामिल होने से रोकती हो, न ही यह पाकिस्तान को किसी और देश के साथ ऐसा ही समझौता करने से बाधित करता है। उन्होंने कहा, "मेरे विचार से इस क्षेत्र के देशों और खासकर मुस्लिम आबादी का यह बुनियादी हक है कि वे मिलकर अपनी सरहदों और देशों की सुरक्षा करें।"
आसिफ ने जोर देकर कहा कि यह कोई आक्रामक सैन्य गठबंधन नहीं है, बल्कि नाटो जैसी एक रक्षात्मक व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान लंबे समय से सऊदी अरब की सेना को प्रशिक्षण देता आ रहा है, और हाल की घटनाएं इसी सहयोग का औपचारिक विस्तार हैं। उनके अनुसार, पाकिस्तान की एक बड़ी सैन्य और वायुसेना टुकड़ी दशकों से सऊदी अरब में तैनात रही है।