इमरान खान और आसिम मुनीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan News In Hindi: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) प्रमुख इमरान खान के लिए पिछले 24 घंटे राहत भरी खबरों वाले रहे हैं। आडियाला जेल में बंद खान को एक के बाद एक चार मोर्चों पर बड़ी राहत मिली है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि क्या इमरान खान और शक्तिशाली पाकिस्तानी सेना के बीच किसी तरह का समझौता या ‘डील’ हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने तोशखाना मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इमरान के वकीलों का मानना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट इस मामले के पुराने फैसले को रद्द कर देता है तो खान न केवल जेल से बाहर आ सकेंगे बल्कि फिर से चुनाव लड़ने के योग्य भी हो जाएंगे।
इस्लामाबाद की एक अदालत ने पांच अलग-अलग मामलों में सुनवाई करते हुए इमरान खान की अंतरिम जमानत को आगे बढ़ा दिया है। इनमें पूर्व मंत्री मोहसिन शाहनवाज रांझा पर कथित हत्या के प्रयास से जुड़ा एक संवेदनशील मामला भी शामिल है।
इमरान खान की रिहाई को लेकर विरोध कर रहे विपक्षी सांसदों ने अपना प्रदर्शन वापस लेने का एलान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्री मोहसिन नकवी और पीटीआई नेता अली अमीन गंडारपुर के बीच मध्यस्थता की बातचीत चल रही है, जिसके बाद खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल शिफ्ट किया जा सकता है।
आडियाला जेल के जेलर ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर बताया है कि इमरान खान को जेल में विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्हें नाश्ते में अंडे, अनार और सेब के साथ-साथ खाने में चिकन और मटन दिया जा रहा है, और उन्हें किताबें व अखबार भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इमरान खान को मिली ये राहतें काफी अहम मानी जा रही हैं क्योंकि उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की एक आंख की रोशनी चली गई है जिससे पाकिस्तान की जनता के बीच उनके प्रति भावनात्मक लहर पैदा हो गई है।
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पाकिस्तान की राजनीति के जानकारों का मानना है कि इन राहतों के पीछे सेना और सरकार की रणनीति हो सकती है। वर्तमान में गृह मंत्री मोहसिन नकवी जिन्हें सेना प्रमुख आसिम मुनीर का करीबी माना जाता है इस पूरे मामले को हैंडल कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि सरकार उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजना चाहती है लेकिन इसके लिए एक समझौते की शर्तों पर बातचीत जारी है जिस पर अंतिम फैसला खुद इमरान खान को लेना है।