Pakistan में सियासी भूचाल: 159 सांसद और विधायक निलंबित, संपत्ति का हिसाब न देना पड़ा भारी
Lawmakers Membership Suspended: पाकिस्तान चुनाव आयोग ने संपत्ति का विवरण न देने पर 159 सांसदों व विधायकों को निलंबित किया। इसमें नेशनल असेंबली के 32 और सीनेट के 9 सदस्य शामिल हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
पाकिस्तान चुनाव आयोग ने 159 सांसदों व विधायकों को किया निलंबित (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pakistan ECP Asset Disclosure Rule 2026: पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ECP) ने एक ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाते हुए नेशनल असेंबली, सीनेट और प्रांतीय विधानसभाओं के 159 सदस्यों की सदस्यता खत्म कर दी है। इन सदस्यों ने चुनाव अधिनियम 2017 की धारा 137 के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी संपत्ति और देनदारियों का ब्यौरा जमा नहीं किया था।
इस कार्रवाई के बाद ये सभी सदस्य तब तक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगे जब तक वे अपनी अनिवार्य वित्तीय घोषणाएं पूरी नहीं कर देते। इस निलंबन ने पाकिस्तान के नाजुक राजनीतिक समीकरणों और विधायी कामकाज पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
निलंबन का मुख्य कारण
पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि हर सांसद और विधायक को प्रतिवर्ष 31 दिसंबर तक अपनी, अपने जीवनसाथी और आश्रित बच्चों की संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य है। इस वर्ष 15 जनवरी की अंतिम चेतावनी के बावजूद 159 सदस्यों ने 2024-25 का विवरण जमा नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई।
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प्रभावित सदस्यों का आंकड़ा
निलंबित होने वालों में नेशनल असेंबली के 32 सदस्य और 9 सीनेटर शामिल हैं, जिनमें सैयद अली मूसा गिलानी और खालिद मकबूल सिद्दीकी जैसे बड़े नाम हैं। प्रांतीय स्तर पर पंजाब असेंबली के 50, सिंध के 33, खैबर पख्तूनख्वा के 28 और बलूचिस्तान के 7 विधायकों पर यह गाज गिरी है।
बहुमत और विधायी संकट
इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों के बाहर होने से सदन की कुल सक्रिय शक्ति कम हो गई है, जिससे सरकार के बहुमत का अंतर प्रभावित हो सकता है। किसी भी साधारण या वित्तीय विधेयक को पास कराने के लिए अब सरकार को अपने हर सक्रिय सदस्य की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी, अन्यथा विपक्ष कानूनों को अटकाने में सक्षम हो जाएगा।
कोरम और सदन की कार्यवाही
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कार्यवाही चलाने के लिए कुल सदस्यों के एक-चौथाई हिस्से का होना अनिवार्य है, जिसे कोरम कहा जाता है। 159 सदस्यों के निलंबन के बाद कोरम पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि विपक्ष कोरम की कमी का मुद्दा उठाकर सदन की कार्यवाही को बार-बार रुकवा सकता है।
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बहाली की क्या है प्रक्रिया?
चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि यह निलंबन स्थायी नहीं है और जैसे ही सदस्य अपनी संपत्ति का विवरण जमा करेंगे, उनकी सदस्यता बहाल कर दी जाएगी। हालांकि जब तक वे ऐसा नहीं करते, वे न तो मतदान कर सकते हैं और न ही किसी आधिकारिक विधायी दायित्व का निर्वहन कर सकते हैं।
