जनरल मुनीर (Image- Social Media )
Pakistan News: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर और शिया धर्मगुरुओं के बीच हाल ही में हुई कथित बातचीत ने पाकिस्तान में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बंद कमरे में हुई बैठक के बाद शिया विद्वानों ने जनरल मुनीर पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया। जनरल मुनीर के जिन्ना की धार्मिक पहचान से लेकर ईरान के प्रति वफादारी तक के बयानों ने पाकिस्तान के राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी है।
बैठक के दौरान जनरल मुनीर ने शिया उलेमा के सदस्यों के साथ एक बंद कमरे में लगभग एक घंटे तक एकतरफा भाषण दिया। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में धार्मिक विद्वानों को अपनी चिंताओं को उठाने या सवाल पूछने का कोई अवसर नहीं दिया गया। इसके बाद, सेना प्रमुख बिना किसी संवाद के बैठक से चले गए।
यह विवाद विशेष रूप से जनरल मुनीर के एक कथित बयान को लेकर बढ़ा है, जिसमें उन्होंने शिया धर्मगुरुओं से कहा, “मुझे बताया जाता है कि अगर आपको ईरान से इतनी मोहब्बत है, तो आप ईरान क्यों नहीं चले जाते? मैं आपको बता दूं कि जिन्ना एक शिया थे।” इस बयान ने मिडल ईस्ट में ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव को और भी बढ़ा दिया, और इसके बाद से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
बैठक में मौजूद कुछ धार्मिक विद्वानों ने आरोप लगाया कि जनरल मुनीर ने उन्हें अपमानजनक तरीके से संबोधित किया और बिना किसी संवाद की अनुमति दिए बैठक से चले गए। मौलाना हसनैन अब्बास गर्देजी ने सेना प्रमुख के इस प्रकार की बातचीत की आलोचना करते हुए इसे संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए गलत बताया। इसके अलावा, अल्लामा नजीर अब्बास तकवी ने कहा कि उन्होंने बैठक के दौरान कई बार जनरल मुनीर को चर्चा में शामिल होने के लिए रोका, लेकिन ऐसा करने में सफल नहीं हो पाए।
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे। शिया समुदाय द्वारा किए गए इन प्रदर्शनों में सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं, जिसमें कई लोग हताहत भी हुए। जनरल मुनीर का “ईरान चले जाओ” वाला बयान इसी संदर्भ में और भी गंभीर हो गया, क्योंकि यह ईरान के प्रति पाकिस्तान में बढ़ती नाराजगी और शिया समुदाय के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
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सेना का मानना है कि ये प्रदर्शन पाकिस्तान की आंतरिक स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहे हैं, और इसलिए जनरल मुनीर का बयान आंतरिक शांति और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।