तुर्की के साथ मिलकर क्या खिचड़ी पका रहा पाक? खाड़ी में सुलगती आग के बीच एर्दोगन के सेना प्रमुख से मिले मुनीर
Turkey-Pakistan Relations: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर और तुर्की के शीर्ष जनरल की मुलाकात, रक्षा सहयोग, ईरान संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा।
- Written By: अक्षय साहू
तुर्की के सेना प्रमुख और आसिम मुनीर की मुलाकात (सोर्स- सोशल मीडिया)
Asim Munir-Bayraktaroglu Meeting: मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तुर्की के मिलिट्री जनरल स्टाफ जनरल सेल्कुक बायराकटारोग्लू से मुलाकात की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका जताई जा रही है और सऊदी अरब तथा यूएई के रिश्तों में भी तनाव देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, इस मुलाकात में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और गहरा करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और मिडिल ईस्ट में जारी अस्थिरता पर विस्तार से चर्चा की। बैठक ऐसे वक्त पर हुई है जब सऊदी अरब और पाकिस्तान के सैन्य गठबंधन में तुर्की के शामिल होने की संभावनाओं पर भी चर्चा चल रही है।
तुर्की ने दिए गठबंधन में शामिल होने के संकेत
हालांकि, तुर्की ने फिलहाल इस गठबंधन में औपचारिक रूप से शामिल होने के संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन बदलते जियो-पॉलिटिकल समीकरणों में कुछ भी असंभव नहीं माना जा रहा। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने हाल ही में कहा था कि तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पिछले सितंबर में बने सैन्य गठबंधन में शामिल होने को लेकर बातचीत कर रहा है।
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पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, तुर्की के जनरल ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हितों, क्षेत्रीय चुनौतियों, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और सैन्य तालमेल पर चर्चा की।
ISPR ने बताया कि दोनों देशों ने पाकिस्तान-तुर्की संबंधों की मौजूदा दिशा पर संतोष जताया और मजबूत समन्वय बनाए रखने के साथ-साथ रक्षा सहयोग को और बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तुर्की सशस्त्र बलों के निरंतर समर्थन की सराहना की और सैन्य-से-सैन्य संबंधों को और मजबूत करने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुनीर-बायराकटारोग्लू की बैठक में क्या तय हुआ?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में पाकिस्तान और तुर्की ने संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ाने और रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर सहमति जताई। दोनों देश वैचारिक, कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर करीबी रिश्ते साझा करते हैं।
तुर्की, पाकिस्तान में एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाश रहा है। इसी सिलसिले में हाल ही में तुर्की के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान का दौरा किया था, जिसका उद्देश्य को-प्रोडक्शन के अवसरों की पहचान करना था। इसके अलावा अगस्त 2024 में दोनों देशों की नौसेनाओं ने समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त एम्फीबियस अभ्यास भी किया था।
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पाकिस्तान की सैन्य क्षमता में तुर्की की भूमिका
तुर्की की रक्षा कंपनियों ने पाकिस्तान की अगोस्टा 90B-क्लास पनडुब्बियों के आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया है। तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन समेत कई उन्नत सैन्य उपकरणों की आपूर्ति की है। भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन और आधुनिक हथियार मुहैया कराए थे। दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं।
