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UAE का को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी को लेकर बड़ा दावा
मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन ब्रदरहुड से जुड़ी एक संस्था से संबंध का खुलासा
9/11 के आतंकी हमले से प्रेरित था अल-हम्मामी
UAE Makes Major Revelation Regarding Hammami: संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल-शम्सी ने ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी को लेकर पड़ा खुलासा किया है। गौरतलब है कि हम्माम अल-हम्मामी पर पिछले महीने इज़रायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान क्रैश करने की कोशिश का आरोप लगा था, अटॉर्नी जनरल के अनुसार वह 2017 में मेलबर्न में पढ़ाई के दौरान ऑस्ट्रेलिया की एक मस्जिद में कट्टरपंथी बन गया था।
ओमान के रहने वाले 29 साल के हम्माम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ़्लाइट FZ1073 को हाईजैक करने की कोशिश की, जिसमें 182 लोग सवार थे। यात्रियों और क्रू के दखल देने से पहले ही यह कोशिश नाकाम हो गई।
UAE सरकार के सोशल मीडिया पर UAE के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल-शम्सी के एक बयान में कहा गया है कि अल-हम्मामी तब कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ जब वह रॉयल मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में छात्र था। मस्जिद जाने के दौरान, अल-हम्मामी की जान-पहचान माई सेंटर नाम के एक सेंटर से जुड़े लोगों से हुई।
बयान के मुताबिक, को-पायलट ने अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 के आतंकी हमलों से प्रेरणा ली थी और तेल अवीव की दो पिछली उड़ानों का इस्तेमाल फ्लाइट रूट और एयरपोर्ट की जानकारी हासिल करने के लिए किया था। UAE की जांच में पता चला कि अल-हम्मामी, जो जनवरी में फ्लाईदुबई से जुड़े थे, इससे पहले अलग-अलग देशों की कई एयरलाइंस के लिए काम कर चुका था।
जब को-पायलट ने कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया, तब विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में था। खून से लथपथ और बुरी तरह पीटे जाने के बावजूद, मच्छर कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में कामयाब रहे और उसने यात्रियों व क्रू को हमले के बारे में सचेत किया।
इस घटना के कारण विमान 30 सेकंड में 4900 मीटर नीचे गिर गया, लेकिन फिर हमलावर को काबू में कर लिया गया और विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया।
जांचकर्ताओं ने फ्लाईदुबई की भर्ती प्रक्रियाओं की जांच की और पाया कि अल-हम्ममी ने सभी पेशेवर और सुरक्षा संबंधी ज़रूरतों को पूरा किया था, जिसमें पायलट का लाइसेंस और अच्छे आचरण का प्रमाण पत्र शामिल था। अल-शम्सी ने आगे कहा, हालांकि किसी भी प्रक्रिया से उसके चरमपंथी विचारों या आतंकवादी साज़िश को अंजाम देने के इरादे का कोई संकेत नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले, 29 वर्षीय इस व्यक्ति ने ओमान एयर समेत कई देशों की एयरलाइंस के लिए काम किया था। जांच में पता चला कि ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान ही, 2017 में अल-हम्ममी के चरमपंथ और आतंकवाद की ओर झुकाव के संकेत मिलने लगे थे।