

Smit Machhar Israel Presidential Award: इजरायल फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार को एक बड़ा सम्मान देने जा रहा है। इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने मच्छार को प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म (नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार) से सम्मानित करने का ऐलान किया है। यह इजरायल का सर्वश्रेष्ठ नागरिक पुरस्कार है।
भारतीय पायलट स्मित मच्छार का फिलहाल UAE के अस्पताल में इलाज चल रहा है। इजरायली राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय पायलट को ठीक होने के बाद इजरायल का सर्वोच्च पुरस्कार दिया जाएगा। हम उनकी जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।
इजरायली राष्ट्रपति ने कहा कैप्टन स्मित मच्छार को प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड देने की घोषणा करते हुए कहा कि आज हम जिन इजरायली नायकों को सम्मानित कर रहे हैं, उनके साथ-साथ हम भारत के कैप्टन स्मित मच्छार के पूरी तरह और जल्द ठीक होने की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि मच्छार ने जख्मी होने के बाद भी जिस जबरदस्त बहादुरी का परिचय दिया वह कमाल का है। यह एक अपने काम के प्रति गंभीरता को भी दर्शाता है। उन्होंने न सिर्फ 174 लोगों की जान बचाई बल्की एक बड़े आतंकी हमले को नाकाम किया।
हर्ज़ोग ने आगे कहा कि हमें उम्मीद है कि वह बहुत जल्द ठीक हो जाएंगे। जब ठीक हो जाएंगे, तो उन्हें इजरायल के लोगों की ओर से 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से सम्मानित करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी।
इजरायल के अलावा अमेरिका ने भी कैप्टन स्मित मच्छार को सम्मानित करने का ऐलान किया है। न्यू जर्सी के सांसद जोश गॉटहाइमर ने 5 अक्टूबर को संसद में इसके लिए एक प्रस्ताव पेश किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही स्मित मच्छार को सच्चा हीरो बता चुके हैं।
हाईजैक और क्रैश करने की कोशिश की थी। इस दौरान को-पायलट ने प्लेन के मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्री और ड्यूटी पर न होने वाले क्रू मेंबर अंदर आ सके और हमलावर को काबू में कर सके।
इस हाथापाई के कारण प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगा। हाईजैकिंग का सिग्नल भेजे जाने से पहले प्लेन दो मिनट में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया। इसके बाद प्लेन का रास्ता बदला गया और उसने सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग की, जिसमें सवार सभी 174 लोग बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकल आए।