ट्रंप का डर सातवें आसमान पर…तेल तो बस एक बहाना है, टैरिफ गेम की आड़ में खुद को छिपाना है
Fear of Donald Trumph: डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ तेल के आयात पर 25% का टैरिफ बढ़ाकर खुद के लिए गड्डढा खोदा है। आज भारत क्या, ब्रिक्स के सारे देश भी ट्रंप के निशाने पर क्यों हैं, जानें असल वजह..
- Written By: गीतांजली शर्मा
डोनाल्ड ट्रंप की बौखलाहट के पीछे की असल वजह (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Trump oil Tariff Hike : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर दिन कुछ न कुछ नए फैसले लेते रहते हैं और भारत पर इसे थोपने की कोशिश में लगे रहते हैं। नए मसले के तौर पर तेल की कीमत के टैरिफ में इन्होंने 25 प्रतिशत की टैरिफ को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। और कारण रूस के साथ खरीद को बताया है। लेकिन ट्रंप की इस बौखलाहट के पीछे की वजह डॉलर का संभावित गिरता रेट है। बुधवार को एक कार्यकारी आदेश पर साइन करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत लगातार रूस से तेल खरीद रहा जो कि अमेरिका के पक्ष में नहीं, इसलिए टैरिफ की कीमत बढ़ाई जा रही है।
भारत पूरी तरह से ट्रंप के इस फैसले के विरोध में है। वह अमेरिका के इस फैसले को अन्याय पूर्ण और अनुचित बता रहा। साथ ही अपने हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। वर्तमान समय में ट्रंप के निशाने पर न सिर्फ भारत बल्कि चीन, रूस और जापान भी हैं। लेकिन ट्रंप के इस निशाने और बेतुके रवैये के आगे झुकने के लिए कोई देश तैयार नहीं।
असल में डोनाल्ड ट्रंप के लिए तेल भी एक मुद्दा है डॉलर की घटती कीमत, अमेरिका की संभावित अस्थिरता इनके पीछे की बौखलाहट का असल सच है।
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ट्रंप ने भारत पर किया वार, देश हर वार के लिए तैयार
ट्रंप की नई -नई कुटनीतियों को देश अच्छी तरह से समझता है। यही कारण है कि उसके हर वार के लिए भारत तैयार है। चूंकि भारत लगातार रूस से तेल आयात कर रहा। इसलिए ट्रंप ने टैरिफ रेट दोगुनी कर दी लेकिन भारत के द्वारा किया गया यह आयात अमेरिका के लिए एक बड़ा संभावित खतरा बन सकता है।
ट्रंप का कहना है कि रूस के साथ तेल का आयात रूस -यूक्रेन के युद्ध को बढ़ावा है। ट्रंप की इस टिप्पणी की विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि हमारा आयात मार्केट के विभिन्न आयाम और नियमों पर आधारित है। 1.4 अरब के इस देश में हम कुछ भी निर्णय नहीं ले सकते। भारत देश हित में अपने लिए उचित कदम उठाने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है।
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ट्रंप के डर की अपनी है वजह
अप्रैल महीने में जब डोनाल्ड ट्रंप ने रैसिप्रोकल टैरिफ लगाने का घोषणा की, उसके तुरंत बाद ही ब्रिक्स देशों पर 10 प्रतिशत अधिक टैरिफ लगाने की धमकी दे दी थी। भारत के साथ ही ब्रिक्स के ये सभी देश, ईरान, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात भी डॉलर पर अपनी निर्भरता अब कम करना चाहते हैं।
कह सकते हैं कि यह उभरती अर्थव्यवस्था का समूह हैं। यहां तक कि रूस और चीन आपसी कैरेंसी में ट्रेंड कर रहे हैं। यही वजह है कि आने वाले समय में इससे डॉलर की महत्ता कम हो सकती है, जो ट्रंप के असल डर और बौखलाहट की वजह है।
