

तेल अवील/तेहरानः परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिका और ईरान में चल रही तकरार के बीच इजराइल ने युद्ध छेड़ दिया है। गुरुवार की देर रात इजराइली फाइटर जेट्स ने तेहरान पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली सेना ने 6 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें से 4 परमाणु ठिकाने हैं। हमले के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें देखा जा सकता है एक बिल्डिंग आग के गोले में तब्दील हो गई है।
इजराइल की तरफ से दावा किया गया है कि हमले में ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद बाघेरी, सेना के अन्य बड़े अधिकारी और कुछ वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए हैं। वहीं ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक इजराइली हमले में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर हुसैन सलामी की मौत हो गई है। अल-जजीरा के मुताबिक हमले में ईरान के दो प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक मोहम्मद मेहदी तेहरांची और फरदून अब्बासी भी मारे गए हैं।
हमले के बाद ईरान की चेतावनी
इस हमले के बाद ईरान ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा कि याद रखें हमने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की है। इसके अलावा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई ने कहा कि इजराइल को इस हमले के लिए सजा मिलेगी। सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने लिखा कि ईरान की सेना इजराइल को बिना सजा दिए नहीं छोड़ेगी।
स्ट्राइक के बाद बेंजामिन नेतान्याहू बोले- जंग रहेगी जारी
वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा हमले के बाद वीडियो जारी कर कहा कि कुछ ही समय पहले इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू किया है, जो इजरायल के अस्तित्व के लिए ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए एक सैन्य अभियान है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इस खतरे को खत्म नहीं कर देते।
इजराइल ने ईरान के 6 अलग-अलग शहरों पर हमला किया है। इसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है। एक यूजर ने सोशल मीडिया वीडियो शेयर कर कहा कि यह वीडियो पश्चिम ईरान के गोला-बारूद डिपो का है।
इसके अलावा दूसरा वीडियो तेहरान का बताया जा रहा है। इसमें इजराली फाइटर जेट्स द्वारा किए गए हमले के बाद आग बिल्डिंग में लग गई है। इसके अलावा जमीन पर काफी हलहचल देखी जा रही है।
तीसरा वीडियो किसी ऊंची बिल्डिंग से बनाया गया है। यह वीडियो भी तेहरान का ही बताया जा रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है। इसी हमले में ईरान के 2 परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं।
गौरतलब है कि इस युद्ध की आशंका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही जताई थी। इसके अलावा अमेरिका मिडिल ईस्ट में तैनात अपने सैनिकों को पहले वापिस बुला चुका है। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप ने सैनिकों को हटाने का फैसला युद्ध की संभावना को देखते हुए लिया है।