NEPAL: पूर्व PM केपी ओली को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज; अस्पताल में हैं भर्ती

Nepal SC Oli Bail: नेपाल की सर्वोच्च अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों नेता फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं।
NEPAL: Major Blow to Former PM KP Oli from Supreme Court; Bail Plea Dismissed; Currently Hospitalized
केपी शर्मा ओली, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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KP Sharma Oli Bail Rejected: नेपाल की राजनीति में उस समय बड़ा मोड़ आ गया जब देश की सर्वोच्च अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। वर्तमान में पुलिस हिरासत में चल रहे इन दोनों दिग्गज नेताओं ने अंतरिम रिहाई की मांग की थी।जिसे अदालत ने पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। इस फैसले के बाद अब केपी ओली और रमेश लेखक की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय में इन याचिकाओं पर अलग-अलग बेंचों ने सुनवाई की। केपी शर्मा ओली की ओर से उनकी पत्नी राधिका शाक्य ने जमानत याचिका दायर की थी जिसमें दावा किया गया था कि उनके पति को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। न्यायमूर्ति मेघरज पोखरेल की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने इस पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने सरकार को केवल 'कारण बताओ' (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है जिसका अर्थ है कि ओली की तत्काल रिहाई की अब कोई संभावना नहीं बची है।

इसी तरह का फैसला पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक के मामले में भी आया। उनकी पत्नी यशोदा लेखक द्वारा दायर याचिका पर न्यायमूर्ति कुमार रेग्मी की पीठ ने सुनवाई की और इसे भी खारिज कर दिया। अदालत ने इस मामले में भी केवल शो-कॉज नोटिस जारी करने तक ही खुद को सीमित रखा।

पुलिस रिमांड और स्वास्थ्य संकट

काठमांडू जिला अदालत के आदेश के बाद दोनों नेताओं को वर्तमान में पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। हालांकि, केपी शर्मा ओली को स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण शिक्षण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, रमेश लेखक को पुलिस एकेडमी में हिरासत में रखा गया है। इन दोनों के अलावा, पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का भी कानूनी शिकंजे में हैं जिन्हें जिला अदालत ने सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है।

बालेन शाह सरकार का बढ़ता प्रभाव

यह कानूनी कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व वाली 'Gen Z' सरकार सत्ता में है। बालेन शाह की कैबिनेट में ज्यादातर मंत्रियों की उम्र 40 साल से कम है और वे अपने 'नायक' स्टाइल के कड़े फैसलों के लिए चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में बालेन शाह ने छात्र राजनीति पर नकेल कसने जैसे कई बड़े और साहसी फैसले लिए हैं जिसने नेपाल की राजनीति के पुराने ढर्रे को बदल कर रख दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी और रिमांड को इसी प्रशासनिक सख्ती के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

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